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बिहार निगरानी विभाग का बड़ा एक्शन: 10 लाख मांगने वाली महिला अफसर 50 हजार लेते रंगे हाथों गिरफ्तार।

 

 

​पटना : बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत विशेष निगरानी ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। राजधानी पटना में तैनात ठाकुरगंज की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) अनीता कुमारी-2 को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि महिला अफसर एक कर्मचारी को निलंबन की धमकी देकर 10 लाख रुपये की मोटी रकम की मांग कर रही थीं।

​धमकी देकर मांगी थी 10 लाख की रंगदारी

​जानकारी के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई नागेंद्र कुमार नामक व्यक्ति की लिखित शिकायत पर की गई है। शिकायतकर्ता ने निगरानी विभाग को बताया था कि डीपीओ अनीता कुमारी उन पर गंभीर आरोप पत्र गठित करने और सेवा से निलंबित करने का डर दिखा रही थीं। इस विभागीय कार्रवाई को रोकने के बदले में उन्होंने 10 लाख रुपये की डिमांड रखी थी।

​दबाव से परेशान होकर पीड़ित ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद विभाग ने मामले की गुप्त जांच कराई।

​निगरानी विभाग का बिछाया जाल

​शिकायत के प्रारंभिक सत्यापन में मामला सही पाए जाने के बाद विशेष निगरानी इकाई ने जाल बिछाया। रणनीति के तहत शिकायतकर्ता को रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये लेकर अफसर के पास भेजा गया।

​“जैसे ही अनीता कुमारी ने रिश्वत की राशि अपने हाथों में ली, पहले से घात लगाकर बैठी निगरानी टीम ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया। मौके से साक्ष्य और केमिकल युक्त नोट बरामद कर लिए गए हैं।“

– निगरानी अधिकारी

 

​विभागीय हलकों में मचा हड़कंप

​इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद समाज कल्याण विभाग और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। निगरानी विभाग ने इस संबंध में कांड संख्या 08/2026 दर्ज की है। आरोपी अफसर के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें हिरासत में ले लिया गया है।

​मामले के मुख्य बिंदु:

  • ​आरोपी: अनीता कुमारी- DPO
  • ​कुल मांग: 10 लाख रुपये
  • ​बरामदगी: 50 हजार रुपये (पहली किस्त)
  • ​कार्रवाई: विशेष निगरानी इकाई (बिहार) द्वारा गिरफ्तारी

​नेटवर्क खंगाल रही है जांच एजेंसी

​गिरफ्तारी के बाद महिला अफसर से पूछताछ जारी है। निगरानी विभाग अब इस बात की तफ्तीश कर रहा है कि क्या इस रिश्वतखोरी के पीछे कोई बड़ा सिंडिकेट या अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में किसी और की संलिप्तता पाई जाती है, तो उन पर भी कठोर कानूनी गाज गिरेगी।

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