रांची : आगामी नगर निगम चुनावों की सुगबुगाहट के बीच वार्ड 36 की राजनीति गरमा गई है। इस बार चुनावी मैदान में उतरीं युवा और जुझारू उम्मीदवार शिखा कुजूर अपने स्पष्ट विज़न और ठोस रोडमैप के कारण चर्चा का विषय बनी हुई हैं। जनसंपर्क अभियानों के दौरान शिखा कुजूर ने स्पष्ट किया है कि उनका लक्ष्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि वार्ड 36 को शहर का एक मॉडल वार्ड बनाना है।
शिक्षा और स्वास्थ्य: भविष्य की नींव
शिखा कुजूर के विज़न में शिक्षा और स्वास्थ्य सबसे ऊपर हैं। उन्होंने वादा किया है कि यदि जनता उन्हें चुनती है, तो वे वार्ड में स्थित सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे को सुधारने और बच्चों के लिए डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना पर जोर देंगी।
- मोहल्ला क्लिनिक की तर्ज पर स्वास्थ्य केंद्र: वार्ड के बुजुर्गों और महिलाओं के लिए प्राथमिक चिकित्सा सुविधाओं को घर के करीब लाने की योजना।
- कौशल विकास केंद्र: युवाओं और महिलाओं के लिए सिलाई, कंप्यूटर और अन्य व्यावसायिक प्रशिक्षण की व्यवस्था।
बुनियादी ढांचा और जल प्रबंधन
वार्ड 36 की पुरानी समस्याओं, जैसे जलभराव और जर्जर सड़कों पर बात करते हुए शिखा ने कहा, “विकास केवल कागजों पर नहीं, जमीन पर दिखना चाहिए।” उनके रोडमैप में निम्नलिखित प्राथमिकताएं शामिल हैं:
- जल निकासी प्रणाली (Drainage System): नालियों का वैज्ञानिक तरीके से पुनर्निर्माण ताकि मानसून में जलभराव की समस्या खत्म हो सके।
- शुद्ध पेयजल: हर घर तक नल से स्वच्छ जल की आपूर्ति सुनिश्चित करना।
- स्ट्रीट लाइट्स और सुरक्षा: महिलाओं की सुरक्षा के लिए ‘डार्क स्पॉट्स’ को चिन्हित कर वहां हाई-मास्ट लाइट्स और सीसीटीवी कैमरे लगवाना।
स्वच्छता और पर्यावरण
शिखा कुजूर ने ‘ग्रीन वार्ड-क्लीन वार्ड’ का नारा दिया है। उनकी योजना कचरा प्रबंधन को लेकर काफी आधुनिक है:
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- डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन: कचरा उठाने वाली गाड़ियों की नियमितता और गीले-सूखे कचरे का सही निस्तारण।
- पार्कों का सौंदर्यीकरण: वार्ड के पार्कों को ओपन जिम और बच्चों के खेलने के सुरक्षित स्थानों के रूप में विकसित करना।
”वार्ड 36 मेरा परिवार है। यहाँ की गलियों की हर समस्या को मैंने करीब से देखा है। मेरा रोडमैप केवल वादों का पुलिंदा नहीं, बल्कि एक जवाबदेह और पारदर्शी प्रशासन की प्रतिबद्धता है।” — शिखा कुजूर
जनता की भागीदारी: ‘वार्ड सभा’ का संकल्प
अपने विज़न को साझा करते हुए शिखा ने एक अनूठी पहल की बात की— ‘वार्ड सभा’। उन्होंने वादा किया है कि चुने जाने के बाद वे हर महीने वार्ड के नागरिकों के साथ बैठक करेंगी, ताकि विकास कार्यों में जनता की सीधी भागीदारी सुनिश्चित हो सके और बजट का सही इस्तेमाल हो।
निष्कर्ष:
शिखा कुजूर का विज़न आधुनिकता और जमीनी हकीकत का मिश्रण नजर आता है। अब गेंद वार्ड 36 की जनता के पाले में है कि वे इस ‘बदलाव के रोडमैप’ पर कितना भरोसा जताते हैं।













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