मेदिनीनगर (पलामू): भक्ति, शक्ति और अटूट श्रद्धा के संगम के साथ पलामू जिले के लेस्लीगंज प्रखंड अंतर्गत ग्राम पूर्णाडीह में बुधवार को श्रीराम चरित मानस ‘नवाह्न पारायण-पाठ महायज्ञ’ का भव्य शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर निकाली गई भव्य कलश यात्रा ने समूचे क्षेत्र को राममय कर दिया। गाजे-बाजे और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच निकली इस शोभायात्रा में सैंकड़ो की संख्या में श्रद्धालु उमड़े, जिससे आसपास के गांवों में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो गया।
मलय नदी के तट पर हुआ जलाभिषेक
कलश यात्रा मंदिर परिसर से गाजे-बाजे के साथ प्रारंभ होकर विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण करते हुए मलय नदी के तट पर पहुंची। यहाँ यज्ञाचार्य पंडित प्रवीण मिश्रा के नेतृत्व में विद्वान पंडितों ने पारंपरिक वैदिक रीति-रिवाजों के साथ नदी का पूजन कराया। श्रद्धालुओं ने पवित्र जल को कलश में भरा और पुनः यज्ञमंडप की ओर प्रस्थान किया। जय श्रीराम के नारों और भक्ति गीतों से पूरा वातावरण मंत्रमुग्ध नजर आया।
मातृशक्ति का दिखा उत्साह
शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण महिला श्रद्धालुओं की भारी भागीदारी रही। पीले वस्त्रों में सजी महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर नंगे पांव यात्रा पूरी की। कलश स्थापना के बाद जब यज्ञमंडप में कलशों की प्रतिष्ठा की गई, तो वहां उपस्थित जनसमूह के चेहरों पर शांति और भक्ति का अनुपम उजास देखने को मिला।
दिग्गज विभूतियों की गरिमामयी उपस्थिति
महायज्ञ के शुभारंभ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में गौतम कुमार सिंह उर्फ डब्ल्यू सिंह, जिला परिषद सदस्य आशा देवी और महासंरक्षक नवल किशोर राय शामिल हुए। अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर आयोजन की सफलता की कामना की और कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में समरसता और धार्मिक चेतना का विस्तार होता है।
विद्वानों के प्रवचन से बहेगी ज्ञान की गंगा
महायज्ञ के मुख्य पाठकर्ता यज्ञाचार्य पंडित प्रवीण मिश्रा के मार्गदर्शन में आगामी 10 दिनों तक अनुष्ठान संपन्न होंगे। श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक रसपान कराने के लिए देश के विभिन्न कोनों से विद्वान पधारे हैं, जिनमें मुख्य रूप से:
- उत्तर प्रदेश से: धर्मराज शास्त्री (महामानस मर्मज्ञ एवं भागवत भूषण ज्योति भास्कर)।
- बिहार से: श्री रामचंद्राचार्य जी महाराज।
आयोजन समिति की सक्रियता
इस आयोजन को सफल बनाने में मार्गदर्शक अमित सिंह, संयोजक अभिषेक कुमार सिंह, अध्यक्ष पंडित वेद प्रकाश, उपाध्यक्ष बसंत पासवान, सचिव अंकु राय, महाप्रबंधक रामजी राय और कोषाध्यक्ष रजनीश सिंह सहित आयोजन समिति के दर्जनों कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समिति ने अपील की है कि श्रद्धालु अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धार्मिक कथा सुनकर -लाभ उठाएं।
18 से 27 फरवरी तक भक्ति का महापर्व
यह नवाह्न महायज्ञ 18 फरवरी से 27 फरवरी 2026 तक चलेगा। प्रतिदिन विधि-विधान से धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे और संध्या काल में स्थानीय कलाकारों द्वारा भजन-कीर्तन की प्रस्तुति दी जाएगी। कार्यक्रम का समापन 27 फरवरी को पूर्णाहुति एवं विशाल भंडारे के साथ होगा।













Leave a Reply