करोड़ों की संपत्ति के विवाद में मां बनी बेटे की जान की दुश्मन; शूटरों के साथ पुलिस की हुई मुठभेड़
देहरादून : राजधानी के पॉश इलाके तिब्बती मार्केट के बाहर 11 फरवरी को हुए सनसनीखेज अर्जुन शर्मा हत्याकांड का देहरादून पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस जांच में जो सच्चाई सामने आई है, उसने रिश्तों की मर्यादा को झकझोर कर रख दिया है। करोड़ों रुपए की संपत्ति के लालच में एक मां ने ही अपने सहयोगियों के साथ मिलकर 12 लाख रुपए की सुपारी देकर अपने सगे बेटे की हत्या करवा दी। पुलिस ने इस मामले में मृतक की मां, दो शूटरों और साजिश में शामिल दो अन्य सहयोगियों सहित कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।
संपत्ति का विवाद और 14 करोड़ की डील
पुलिस के अनुसार, मृतक अर्जुन शर्मा का अपनी मां बीना शर्मा के साथ लंबे समय से संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। विवाद की जड़ जीएमएस रोड स्थित एक बेशकीमती प्रॉपर्टी थी। बीना शर्मा ने इस संपत्ति को डॉक्टर अजय खन्ना के साथ 14 करोड़ रुपए में बेचने का सौदा किया था, जिसमें से 8 करोड़ रुपए का भुगतान भी हो चुका था।
हालांकि, अर्जुन शर्मा ने इस सौदे का विरोध करते हुए कोर्ट से स्टे (स्थगन आदेश) ले लिया था। भारी भरकम रकम देने के बावजूद मालिकाना हक न मिलने से डॉक्टर अजय खन्ना परेशान था और बीना शर्मा पर पैसे वापस करने का दबाव बना रहा था। इसी गतिरोध को खत्म करने के लिए बीना शर्मा, डॉक्टर अजय खन्ना और विनोद उनियाल ने अर्जुन को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रची।
12 लाख में तय हुआ सौदा, दो सगे भाई बने शूटर
साजिश के तहत विनोद उनियाल के ड्राइवर पंकज राणा और उसके भाई राजीव उर्फ राजू को हत्या की जिम्मेदारी सौंपी गई। आरोपियों के बीच 12 लाख रुपए में हत्या का सौदा तय हुआ, जिसमें से 3 लाख रुपए एडवांस दिए गए थे। 11 फरवरी की सुबह जब अर्जुन शर्मा तिब्बती मार्केट के पास थे, तब स्कूटी सवार इन दोनों भाइयों ने तमंचे से गोली मारकर उनकी हत्या कर दी और फरार हो गए।
पुलिस मुठभेड़ में दबोचे गए हत्यारे
घटना के बाद एसएसपी अजय सिंह के निर्देश पर गठित टीमों ने सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से आरोपियों का पीछा किया। 11 फरवरी की रात रायपुर और डोईवाला क्षेत्रों में पुलिस की शूटरों के साथ अलग-अलग मुठभेड़ हुई।
- पहली मुठभेड़: रायपुर के लाडपुर जंगल में घेराबंदी के दौरान आरोपी राजीव ने पुलिस पर फायर झोंक दिया। जवाबी फायरिंग में राजीव के पैर में गोली लगी।
- दूसरी मुठभेड़: डोईवाला के लालतप्पड़ इलाके में पंकज राणा ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद पुलिस की आत्मरक्षा में की गई फायरिंग में वह भी घायल हो गया। दोनों के पास से हत्या में प्रयुक्त हथियार और स्कूटी बरामद कर ली गई है।
मां ने की थी बेटे की मुखबिरी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि बीना शर्मा ने ही हत्या से पहले अर्जुन के मैनेजर विजय से उसके आने-जाने के समय और दिनचर्या की जानकारी जुटाई थी, जिसे शूटरों को पास किया गया। अर्जुन विवाद के कारण अपनी मां से अलग किराए के मकान में रह रहा था। पुलिस ने हत्या की साजिश रचने के आरोप में बीना शर्मा, विनोद उनियाल और डॉक्टर अजय खन्ना को भी सलाखों के पीछे भेज दिया है।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण:
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- पंकज राणा (शूटर): निवासी चुक्खुवाला, देहरादून।
- राजीव उर्फ राजू (शूटर): निवासी चुक्खुवाला, देहरादून।
- बीना शर्मा (मृतक की मां): निवासी वसंत विहार, देहरादून।
- विनोद उनियाल (साजिशकर्ता): निवासी इंदर रोड, डालनवाला।
- अजय खन्ना (साजिशकर्ता): निवासी ईसी रोड, डालनवाला।
एसएसपी अजय सिंह का बयान:
“यह संपत्ति विवाद से जुड़ा एक सुनियोजित हत्याकांड था। मुख्य आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया है। साजिश में शामिल मृतक की मां और अन्य सहयोगियों को भी साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तार कर लिया गया है। न्यायालय से रिमांड लेकर आगे की पूछताछ की जा रही है।”













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