देहरादून : देवभूमि उत्तराखंड के हिमालयी शिखरों पर विराजमान भगवान शिव के ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग, केदारनाथ धाम के दर्शनों की प्रतीक्षा कर रहे देश-दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खबर है। शीतकाल के छह महीने के लंबे अंतराल के बाद, बाबा केदार के कपाट आगामी 22 अप्रैल को पूरे विधि-विधान के साथ खोल दिए जाएंगे।
महाशिवरात्रि पर ऊखीमठ में हुई घोषणा
रविवार को महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर केदारनाथ के शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ में कपाट खुलने की तिथि की आधिकारिक घोषणा की गई। मंदिर समिति के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. हरीश गौड़ के अनुसार, परंपरा के अनुरूप पंचांग गणना के बाद धर्माचार्यों और वेदपाठियों ने मुहूर्त तय किया।
- तिथि और समय: 22 अप्रैल, सुबह 8:00 बजे।
- लग्न: वृष लग्न।
- सजावट: इस शुभ अवसर पर ओंकारेश्वर मंदिर को करीब 9.5 क्विंटल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था।
गरिमामयी उपस्थिति में निकला मुहूर्त
मुहूर्त की घोषणा के दौरान केदारनाथ के मुख्य पुजारी रावल भीमाशंकर लिंग, क्षेत्रीय विधायक आशा नौटियाल और मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इस दौरान पूरा परिसर ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गुंजायमान रहा।
चारधाम यात्रा 2026: एक नज़र में तिथियां
इस वर्ष की चारधाम यात्रा की शुरुआत अप्रैल के तीसरे सप्ताह से हो रही है। चारों धामों के कपाट खुलने का कार्यक्रम इस प्रकार है:
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धाम का नाम |
कपाट खुलने की तिथि |
विशेष अवसर |
|---|---|---|
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गंगोत्री धाम |
19 अप्रैल |
अक्षय तृतीया |
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यमुनोत्री धाम |
19 अप्रैल |
अक्षय तृतीया |
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केदारनाथ धाम |
22 अप्रैल |
सुबह 08:00 बजे |
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बदरीनाथ धाम |
23 अप्रैल |
बसंत पंचमी पर घोषित तिथि |
श्रद्धालुओं के लिए तैयारियां तेज
कपाट खुलने की तिथि तय होने के साथ ही उत्तराखंड शासन और प्रशासन ने यात्रा मार्ग से बर्फ हटाने और नागरिक सुविधाओं को बहाल करने के निर्देश दे दिए हैं। केदारनाथ पैदल मार्ग पर जमी बर्फ को साफ करने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया जाएगा ताकि अप्रैल तक मार्ग सुगम हो सके।
नोट: बाबा केदार की डोली ओंकारेश्वर मंदिर से पैदल प्रस्थान कर विभिन्न पड़ावों से होते हुए 21 अप्रैल की शाम तक केदारनाथ धाम पहुंचेगी।













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