विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल वीडियो UGC के नए नियमों के खिलाफ विरोध से जुड़ा नहीं है। यह दिसंबर 2025 में मध्य प्रदेश के हरदा में करणी सेना परिवार के जनआंदोलन का है। यह आंदोलन करणी सेना परिवार की 21 सूत्रीय मांगों को लेकर आयोजित किया गया था।
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने हाल ही में कुछ नए नियम जारी किए थे। इन नियमों को लेकर देश के कई हिस्सों में चर्चा और विरोध की बातें सामने आई थीं। सर्वोच्च न्यायालय ने 29 जनवरी 2026 को कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इन नियमों पर रोक लगा दिया है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें हजारों लोगों की भीड़ एक जगह परदेखी जा सकती है। वहीं, मंच पर कुछ लोग इस भीड़ को सम्बोधित करते हुए नजर आ रहे हैं। इस वीडियो को शेयर करते हुए यूजर दावा कर रहे हैं कि यह यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ हुए प्रदर्शन के दौरान का वीडियो है।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल वीडियो UGC के नए नियमों के विरोध से नहीं जुड़ा है। यह दिसंबर 2025 में मध्यप्रदेश के हरदा में करणी सेना परिवार के जनआंदोलन का है। यह आंदोलन करणी सेना परिवार की 21 सूत्रीय मांगों को लेकर आयोजित किया गया था।
क्या है वायरल पोस्ट में?
फेसबुक यूजर ‘शैलेन्द्र मिश्रा’ ने ‘सवर्ण आर्मी भारत Sarvesh Pandey(सवर्ण समाज)’ नाम के फेसबुक ग्रुप पर वायरल पोस्ट को 11 फरवरी 2026 को शेयर करते हुए लिखा, ”अन्याय के खिलाफ लड़ाई तेज हो चुकी है मित्रो न्याय के लिए मैदानजंग में कूद पड़े है साथियो तो मरने से क्या डरना #UGC_RollBack.”

पड़ताल
अपनी पड़ताल को शुरू करते हुए सबसे पहले हमने गूगल लेंस के जरिए वायरल वीडियो के की-फ्रेम को सर्च किया। सर्च के दौरान हमें यह वीडियो ‘महिपाल सिंह मकराणा’ के वेरिफाइड इंस्टाग्राम अकाउंट पर 21 दिसंबर 2025 को अपलोड किया हुआ मिला। यहां वीडियो को मध्यप्रदेश के हरदा का बताया गया है।

इसी बुनियाद पर हमने अपनी पड़ताल को आगे बढ़ाया और ‘महिपाल सिंह मकराना हरदा दिसंबर प्रदर्शन’ की-वर्ड के साथ न्यूज सर्च किया। सर्च में हमें इस प्रदर्शन का एक वीडियो और खबर ‘MP Tak’ के यूट्यूब चैनल पर मिली। 21 दिसंबर 2025 की इस खबर के अनुसार, ”करणी सेना अपनी 21 सूत्रीय मांगों को लेकर हरदा में प्रदर्शन कर रही है। राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराणा ने प्रदर्शन के दौरान लोगों को संबोधित किया। इस दौरान जब प्रशासन का कोई अधिकारी उनसे मिलने नहीं आया, तो उन्होंने सरकार को दिल्ली कूच करने की चेतावनी दी।”
पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने करणी सेना की 21 सूत्रीय मांगों से जुड़ा न्यूज सर्च किया। सर्च में हमें न्यूज18 हिंदी की एक खबर मिली। 24 दिसंबर 2025 की खबर के अनुसार, “21 सूत्रीय मांगों को लेकर हो रहे आंदोलन में देशभर से राजपूत समाज और करणी सैनिक शामिल हुए हैं। उनकी मुख्य मांग 12 और 13 जुलाई के लाठीचार्ज के दोषियों पर कार्रवाई को लेकर है।”
इस बुनियाद पर सर्च किए जाने पर करणी सेना परिवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीवन सिंह शेरपूर के फेसबुक पेज पर हमें एक पोस्ट मिली। 17 अक्टूबर 2025 की इस पोस्ट में 21 सूत्रीय मांगों की लिस्ट देखी जा सकती है। इस लिस्ट में हमें कहीं भी UGC के नए नियमों को लेकर कोई मांग नहीं दिखी।
क्या हैं UGC के नए नियम?
यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) ने उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव रोकने के लिए नए नियम जारी किए हैं। इन नियमों के तहत देशभर के हर यूनिवर्सिटी/कॉलेज में Equity Committees और Equity Squads का गठन किया जाएगा। इस नए नियम का उद्देश्य अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व अन्य पिछड़ी जातियों को संस्थान में सुरक्षित माहौल प्रदान करना है, जिससे वे भेदभाव का शिकार न हों। फिलहाल ये नियम अभी अंतिम रूप में लागू नहीं हुए हैं।
ध्यान देने वाली बात यह है कि करणी सेना परिवार का हरदा में हुआ आंदोलन 21 दिसंबर 2025 को हुआ था, जबकि यूजीसी के नए नियम 2026 में सामने आए। यानी वायरल वीडियो यूजीसी के नए नियम सामने आने से पहले का है।
वायरल वीडियो के दावे से जुड़ी पुष्टि के लिए हमने हमारे सहयोगी नईदुनिया में हरदा के चीफ रिपोर्टर विजय विश्नोई से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि यह वीडियो हरदा में करणी सेना परिवार के आंदोलन का है। यह आंदोलन दिसंबर में हुआ था और इसका यूजीसी से कोई लेना-देना नहीं है।
अब बारी थी फर्जी पोस्ट को शेयर करने वाले फेसबुक यूजर ‘शैलेन्द्र मिश्रा’ की सोशल स्कैनिंग करने की। हमने पाया कि यूजर मथुरा के रहने वाले हैं और फेसबुक पर काफी एक्टिव हैं।
निष्कर्ष:
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल वीडियो UGC के नए नियमों के खिलाफ विरोध से जुड़ा नहीं है। यह दिसंबर 2025 में मध्य प्रदेश के हरदा में करणी सेना परिवार के जनआंदोलन का है। यह आंदोलन करणी सेना परिवार की 21 सूत्रीय मांगों को लेकर आयोजित किया गया था।

- Claim Review : यह यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ हुए प्रदर्शन के दौरान का वीडियो है।
- Claimed By : फेसबुक यूजर ‘शैलेन्द्र मिश्रा’
- Fact Check : झूठ
1. Instagram Post by mahipalsinghmakrana_official, Dated Dec 21, 2025
2. Reported By MP Tak, Dated Dec 21, 2025
3. Reported By News18, Dated Dec 24, 2025
4. Facebook Post by Jeevan singh sherpur, Dated Oct 17, 2025
5. 2. Report By Indian Express, Dated Jan 29, 2026
6. Reported By Dainik Jagran, Dated Jan 29, 2026
7. Reported By Dainik Jagran, Dated Jan 27, 2026
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