- उत्क्रमित मध्य विद्यालय बंसी खुर्द का मामला: पहली कक्षा के छात्र राम कुमार के साथ दरिंदगी
- शिक्षकों पर मामले को दबाने और डांटकर भगाने का आरोप, सदर अस्पताल में चल रहा इलाज
- पांकी विधायक प्रतिनिधि ने पीड़ित से की मुलाकात; डीसी से दोषी शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई की मांग
मेदिनीनगर (पलामू): पलामू जिले के मनातू प्रखंड अंतर्गत बंसी खुर्द पंचायत स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय बंसी खुर्द में शिक्षा व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा को शर्मसार करने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। विद्यालय में मौजूद शिक्षकों की घोर लापरवाही के कारण पहली कक्षा के सात वर्षीय मासूम छात्र राम कुमार (पिता: तुलसी भुइयां) को सीनियर छात्रों की बर्बरता का शिकार होना पड़ा। गाना न सुनाने पर वरिष्ठ छात्रों ने मासूम को इस कदर पीटा कि उसकी बांह टूट गई।
फिल्म देखने में मस्त थे शिक्षक, सीनियर संभाल रहे थे क्लास
पीड़ित छात्र राम कुमार ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि घटना के वक्त स्कूल के सभी शिक्षक कार्यालय में बैठकर अपने-अपने मोबाइल पर फिल्म देखने में व्यस्त थे। कक्षाओं का प्रभार ऊपरी कक्षाओं के सीनियर बच्चों को सौंप दिया गया था। कक्षा में पढ़ा रहे सीनियर छात्रों ने राम कुमार पर गाना सुनाने का दबाव बनाया। जब मासूम ने गाना सुनाने से असमर्थता जताई, तो बौखलाए सीनियर छात्रों ने उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। इस अमानवीय मारपीट में छात्र का हाथ फ्रैक्चर हो गया।
कार्रवाई के बजाय डांटकर घर भगाया, परिजनों का आरोप- मामला दबाने की कोशिश
रोते-बिलखते पीड़ित छात्र ने घटना की जानकारी तुरंत कार्यालय में बैठे अध्यापकों को दी। आरोप है कि शिक्षकों ने न्याय देने या प्राथमिक उपचार कराने के बजाय मासूम को डांट-पटकार कर घर भगा दिया। जब छात्र दर्द से कराहता हुआ घर पहुंचा, तब परिजनों को पूरी आपबीती का पता चला।
परिजनों ने तत्काल इसकी सूचना विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक धीरेंद्र रजक को दी और छात्र को इलाज के लिए पहले तरहसी स्वास्थ्य केंद्र ले गए। चोट की गंभीरता और हाथ फ्रैक्चर होने के कारण डॉक्टरों ने उसे मेदिनीनगर सदर अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उसका इलाज चल रहा है। परिजनों का आरोप है कि विद्यालय प्रशासन अपनी प्रशासनिक विफलता और लापरवाही को छुपाने के लिए पूरे मामले को दबाने का प्रयास कर रहा है। परिजनों ने दोषी छात्रों के अभिभावकों के साथ-साथ अपनी ड्यूटी से गायब रहकर फिल्म देख रहे लापरवाह शिक्षकों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।
विद्यालय प्रशासन का गोलमोल जवाब
मामला तूल पकड़ने पर विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक धीरेंद्र रजक ने अपने बचाव में घटना को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि विद्यालय परिसर में इस तरह की कोई गंभीर मारपीट नहीं हुई है। छात्र को मामूली चोट आई थी, जिसका इलाज करवा दिया गया है।
विधायक प्रतिनिधि पहुंचे हाल जानने, डीसी से होगी शिकायत
घटना की सूचना मिलते ही पांकी विधायक डॉ. कुशवाहा शशिभूषण मेहता के निर्देश पर रविवार को उनके प्रतिनिधि उदेश यादव पीड़ित छात्र के घर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित बच्चे और परिजनों से मुलाकात कर घटना की विस्तृत जानकारी ली और तत्पश्चात बंसी खुर्द विद्यालय पहुंचकर प्रभारी प्रधानाध्यापक से भी जवाब-तलब किया।
विधायक प्रतिनिधि उदेश यादव ने कहा, “यह अत्यंत संवेदनशील और गंभीर मामला है। विद्यालय प्रबंधन मासूम बच्चों की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह गैर-जिम्मेदार साबित हुआ है और अब मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है। इस पूरी रिपोर्ट से पलामू उपायुक्त (डीसी) और जिला शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।”
जांच में दोषी पाए जाने पर बख्शे नहीं जाएंगे शिक्षक: डॉ. कुशवाहा शशिभूषण मेहता
पांकी विधायक डॉ. कुशवाहा शशिभूषण मेहता ने कहा कि मनातू के बंसी खुर्द विद्यालय में मासूम बच्चे के साथ हुई दरिंदगी की घटना अक्षम्य है। विधायक ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने प्रतिनिधि को मौके पर भेजकर प्राथमिक रिपोर्ट ली है। यदि जांच में शिक्षकों की ड्यूटी के दौरान लापरवाही और मामले को दबाने की बात सच साबित होती है, तो किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। वे स्वयं इस संबंध में पलामू उपायुक्त को पत्र लिखकर उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित कराएंगे।















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