सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके के साथ दिल्ली पुलिस द्वारा मारपीट किए जाने के दावे से वायरल हो रहा वीडियो असंबंधित है। असल में वायरल वीडियो करीब एक साल पुराना है और सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के खिलाफ डॉग लवर्स के किए गए प्रदर्शन का है।
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के प्रदर्शन से जोड़ते हुए एक वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कुछ पुलिसकर्मियों को एक शख्स को पकड़ते हुए देखा जा सकता है। इस वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह जंतर मंतर का है, जहां सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके के साथ दिल्ली पुलिस ने मारपीट की है।
विश्वास न्यूज की पड़ताल में वायरल दावा गलत साबित हुआ। इस वीडियो का सीजेपी के प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं है। असल में यह वीडियो करीब एक साल पुराना है और डॉग लवर्स (कुत्तों से प्रेम करने वाले लोग) के सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के खिलाफ किए गए प्रदर्शन का है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के आवारा कुत्तों को शेल्टर होम भेजने का फैसला सुनाया था। इसी के खिलाफ डॉग लवर्स ने प्रदर्शन किया था।
क्या हो रहा है वायरल?
फेसबुक यूजर ‘Amit Rajpoot’ ने 19 जुलाई 2026 को वायरल वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “ये बीजेपी की तानाशाही खुलेआम की जा रही है अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस द्वारा मारा पीटा जा रहा है। सत्ता के नाम पर बैठने वाले गुंडे सिस्टम को ना ठीक कर करके जनता पर अत्याचार कर रही है।”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल
वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने वीडियो के कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी एक पोस्ट ‘the_hindu’ के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर मिली। इस पोस्ट को 16 अगस्त 2025 को शेयर किया गया था। दी गई जानकारी के मुताबिक, यह डॉग लवर्स द्वारा किए गए प्रदर्शन की स्टोरी है। वायरल वीडियो में जिस व्यक्ति को पुलिस पकड़ रही है उसका फोटो इस पोस्ट में भी मौजूद है।

प्राप्त जानकारी के आधार पर हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें वायरल वीडियो ‘streetdogsofbombay’ और ‘help_by_ketu’ नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट्स पर 16 अगस्त 2025 को अपलोड किया हुआ मिला। मौजूद जानकारी के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों को दिल्ली से हटाकर शेल्टर होम भेजने का आदेश दिया था। इसी फैसले से नाराज डॉग लवर्स ने प्रदर्शन किया था। यह वीडियो उसी प्रदर्शन के दौरान का है।

‘नवभारत टाइम्स’ की वेबसाइट पर 17 अगस्त 2025 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, “आवारा कुत्तों को शेल्टर होम में भेजने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद डॉग लवर्स ने नई दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन किया था। सैकड़ों की संख्या में डॉग लवर्स कनॉट प्लेस इलाके में प्रदर्शन करने पहुंचे थे।”

‘आजतक’ की वेबसाइट पर 22 अगस्त 2025 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, “प्रदर्शन के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में संशोधन किया था। सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में बदलाव करते हुए कहा था कि आवारा कुत्तों को शेल्टर होम में नहीं रखा जाएगा। यहां तक कि जिन कुत्तों को शेल्टर होम में भेजा गया है, उन्हें तुरंत छोड़ा जाएगा। नसबंदी और टीकाकरण के बाद कुत्तों को छोड़ा जाएगा। शेल्टर होम भेजे गए कुत्ते छोड़े जाएंगे। सिर्फ बीमार और आक्रामक कुत्तों को ही शेल्टर होम में रखा जाएगा।”
इस बारे में हमने ‘दैनिक जागरण’ की तरफ से जंतर मंतर पर सीजेपी का प्रदर्शन कवर कर रहे रिपोर्टर नेमिश हेमंत से संपर्क किया। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो अभिजीत दीपके का नहीं है।
क्या है संदर्भ?
‘जागरण डॉट कॉम’ की 12 जुलाई 2026 की एक खबर के अनुसार, देश में परीक्षाओं में अनियमितताओं के मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी ने 20 जून 2026 को दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना-प्रदर्शन शुरू किया था। इसके बाद सोनम वांगचुक 28 जून 2026 को इसमें शामिल हुए थे। सोनम वांगचुक जंतर मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे थे।
‘बीबीसी’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने पर पुलिस ने 18 जुलाई 2026 को उन्हें जंतर मंतर से हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया है।
सोनम वांगचुक के अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने संसद तक मार्च निकाला। इसी को लेकर दिल्ली पुलिस हाई अलर्ट पर है। जंतर मंतर के पास 5000 जवान तैनात किए गए हैं। इसके अलावा धरनास्थल क्षेत्र में धारा 163 लागू की गई है। पूरी रिपोर्ट को यहां पढ़ें।
‘सौरव दास’ ने 20 जुलाई को जेपी नड्डा के साथ मुालकात की तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, हमने अपनी मांगें बता दी हैं, जिनमें धर्मेंद्र प्रधान का तुरंत इस्तीफा या उन्हें पद से हटाना शामिल है। उन्होंने हमें भरोसा दिलाया है कि वे इस मामले पर सही स्तर पर बातचीत करेंगे। हालांकि, अभी तक कोई पक्का वादा नहीं किया गया है। जब तक हमारी मांग पूरी नहीं हो जाती, तब तक शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी चैन से नहीं बैठेंगे।
अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ वायरल करने वाले फेसबुक यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को पांच हजार से अधिक लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके के साथ दिल्ली पुलिस द्वारा मारपीट किए जाने के दावे से वायरल हो रहा वीडियो असंबंधित है। असल में वायरल वीडियो करीब एक साल पुराना है और सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के खिलाफ डॉग लवर्स के किए गए प्रदर्शन का है।

- Claim Review : अभिजीत दीपके के साथ दिल्ली पुलिस ने की मारपीट।
- Claimed By : FB User Amit Rajpoot
- Fact Check : झूठ
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