मेदिनीनगर : पलामू जिले अंतर्गत पिपराटांड़ थाना क्षेत्र के लोहरसी चट्टी पर आज बुधवार को नशा मुक्ति अभियान और अवैध अफीम खेती उन्मूलन को लेकर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पैर पसार रहे नशे के कारोबार पर लगाम लगाना और किसानों को अफीम की अवैध खेती से दूर रहने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम में भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों ने हिस्सा लिया, जिन्हें पुलिस प्रशासन द्वारा नशे और अफीम की खेती के घातक परिणामों से अवगत कराया गया।
थाना प्रभारी ने सामाजिक, आर्थिक और कानूनी दुष्प्रभावों पर चर्चा की
जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए थाना प्रभारी ने कहा कि नशा न केवल एक व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक रूप से खोखला करता है, बल्कि पूरे परिवार और समाज को बर्बादी की कगार पर लाकर खड़ा कर देता है। एवं अफीम की अवैध खेती पर कड़ा रुख अपनाते हुए ग्रामीणों को इसके विभिन्न दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से समझाया:
- सामाजिक दुष्प्रभाव: नशे की लत से युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है और समाज में अपराध व घरेलू हिंसा के मामलों में तेजी आ रही है।
- आर्थिक दुष्प्रभाव: अफीम और नशे के कारोबार में शामिल होने से शुरुआत में भले ही मोटी कमाई दिखे, लेकिन अंततः यह परिवारों को कर्ज और कंगाली के दलदल में धकेल देता है।
- कानूनी दुष्प्रभाव: अफीम की खेती पूरी तरह से गैर-कानूनी है। इसमें पकड़े जाने पर न केवल भारी जुर्माना लगता है, बल्कि पूरी जिंदगी जेल की सलाखों के पीछे कट सकती है।
NDPS एक्ट के प्रावधानों से कराया अवगत
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम (NDPS Act) के कड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अफीम की खेती करना, उसे बढ़ावा देना, नशीले पदार्थों का परिवहन या व्यापार करना एक गैर-जमानती अपराध है। इसके तहत दोषी पाए जाने पर कठोर कारावास और संपत्ति जब्त करने तक की सख्त सजा का प्रावधान है। पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की कि वे चंद रुपयों के लालच में आकर माफियाओं के बहकावे में न आएं।
“नशा और अफीम की खेती समाज के लिए एक अभिशाप है। ग्रामीण जागरूक बनें और यदि क्षेत्र में कहीं भी अवैध अफीम की खेती या नशे का कारोबार हो रहा हो, तो तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दें। सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा।”
– निलेश कुमार (थाना प्रभारी ) पिपराटांड़ थाना
नशामुक्त समाज के लिए दिलाई गई शपथ
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और युवाओं को नशामुक्त समाज के निर्माण में अपना योगदान देने की शपथ दिलाई गई। लोगों ने हाथ आगे बढ़ाकर संकल्प लिया कि वे न तो स्वयं किसी प्रकार का नशा करेंगे, न ही अपने क्षेत्र में अफीम की अवैध खेती होने देंगे।
इस मौके पर पिपराटांड़ थाना के कई पुलिस पदाधिकारी, पुलिस कर्मी और स्थानीय गणमान्य नागरिक काफी संख्या में मुख्य रूप से उपस्थित रहे। पुलिस की इस पहल की स्थानीय लोगों ने सराहना की और प्रशासन को इस अभियान में पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया।













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