खनन व परिवहन विभाग ने की ₹33 लाख से अधिक की वसूली, 140 वाहन जब्त, शून्य रिपोर्ट वाले अंचलों को विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत
मेदिनीनगर : पलामू के जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत की अध्यक्षता में मंगलवार को समाहरणालय सभागार में जिला खनन टास्क फोर्स की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में जिले के भीतर अवैध खनन, अवैध परिवहन एवं वाहनों में ओवरलोडिंग पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने को लेकर विस्तृत और कड़ा रुख अपनाया गया। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि प्राकृतिक संसाधनों का अवैध दोहन किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक की शुरुआत में उपायुक्त ने जिला खनन पदाधिकारी (डीएमओ) से पिछले कई महीनों में की गई कार्रवाइयों की बिंदुवार जानकारी ली। इस पर जिला खनन पदाधिकारी सुनील कुमार ने प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि खनन कार्यालय द्वारा विशेष अभियान चलाकर अब तक कुल 80 वाहनों को जब्त किया गया है। इसके अतिरिक्त, गंभीर उल्लंघनों के मामले में 4 प्राथमिकी (FIR) भी दर्ज कराई गई हैं। खनन विभाग द्वारा की गई इस त्वरित कार्रवाई के फलस्वरूप अब तक कुल 24.19 लाख रुपये की राजस्व वसूली की गई है।
मुख्य प्रशासनिक कार्रवाइयां और आंकड़े:
- खनन विभाग: 80 वाहन जब्त, 4 एफआईआर दर्ज, ₹24.19 लाख का जुर्माना वसूला।
- परिवहन विभाग: 60 वाहन जब्त, ₹8.91 लाख की वित्तीय वसूली।
- हरिहरगंज अंचल: अवैध बालू खनन एवं परिवहन में संलिप्त 06 वाहन जब्त।
- सदर, मोहम्मदगंज एवं ऊंटारी रोड: कार्रवाई रिपोर्ट शून्य रहने पर विशेष सतर्कता के निर्देश।
इसी प्रकार, जिला परिवहन कार्यालय की ओर से की गई कार्रवाई की समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि परिवहन विभाग ने नियमों का उल्लंघन करने वाले 60 वाहनों को जब्त किया है, जिनसे जुर्माने के रूप में 8.91 लाख रुपये की वसूली की गई है। क्षेत्रीय स्तर पर की गई कार्रवाई के अंतर्गत हरिहरगंज में अवैध खनन और परिवहन से जुड़े कुल 06 वाहनों को जब्त करने में सफलता मिली है। हालांकि, समीक्षा के दौरान सदर, मोहम्मदगंज एवं ऊंटारी रोड अंचल द्वारा शून्य वाहनों की जब्ती दर्ज किए जाने पर उपायुक्त ने नाराजगी व्यक्त की और इन क्षेत्रों के अधिकारियों को कार्यप्रणाली में सुधार करने की चेतावनी दी।
उपायुक्त श्री शेखावत ने संबंधित पदाधिकारियों को कड़े लहजे में निर्देश दिया कि अवैध बालू खनन एवं इसके अवैध परिवहन के विरुद्ध नियमित रूप से संयुक्त छापेमारी अभियान चलाया जाए। उन्होंने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि मानसून अवधि में एनजीटी के नियमों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए उन्होंने जिले के सभी संवेदनशील बालू घाटों की लगातार और चौबीसों घंटे निगरानी करने का आदेश दिया।
बैठक में सुरक्षा और जनहानि के मामलों पर भी गंभीर चर्चा हुई। डीसी ने विगत दिनों हुसैनाबाद अंचल में एक बंद पड़ी माइंस (खदान) में पानी भर जाने के कारण एक व्यक्ति की डूबने से हुई दुखद मौत का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति दोबारा किसी भी हाल में नहीं होनी चाहिए। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सभी खदान संचालकों से ‘माइंस क्लोजर रिपोर्ट’ का पूर्ण रूप से और कड़ाई से पालन करवाएं, ताकि बंद पड़ी खदानें आम जनता के लिए खतरा न बनें।
विभिन्न अंचलों एवं थाना क्षेत्रों में की गई कार्रवाई, जब्ती, प्राथमिकी एवं ट्रेंच कटिंग की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि जिन क्षेत्रों से कार्रवाई की रिपोर्ट शून्य प्राप्त हो रही है, वहां के अधिकारी विशेष सतर्कता बरतें तथा संबंधित पदाधिकारी स्वयं सक्रिय होकर फील्ड में उतरें और अभियानों का संचालन करें। उन्होंने अवैध खनन के मुख्य मार्गों को अवरुद्ध करने के उद्देश्य से चिन्हित स्थलों पर अतिरिक्त ट्रेंच कटिंग कराने, अस्थायी चेकनाका व्यवस्था को सुदृढ़ करने, सीसीटीवी कैमरे अधिष्ठापित करने एवं रात्रि गश्ती को और सघन करने का निर्देश दिया।
इसके साथ ही, उन्होंने ओवरलोड वाहनों और बिना वैध ई-ट्रांजिट चालान के परिचालन करने वाले परिवहन माफियाओं पर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में मुख्य रूप से पुलिस अधीक्षक (SP) कपिल चौधरी, जिला खनन पदाधिकारी, पुलिस विभाग, परिवहन विभाग, वन विभाग तथा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ पदाधिकारी और अधिकारी उपस्थित थे।













Leave a Reply