मेदिनीनगर (पलामू): पलामू जिले के सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत मेदिनीनगर स्थित पोखराहा चौक के समीप शनिवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा सामने आया है। यहाँ एक तेज रफ्तार अनियंत्रित ट्रक ने स्कूटी सवार व्यक्ति को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्कूटी सवार की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान रामरेखा पासवान के रूप में हुई है, जो मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में सुरक्षा गार्ड (गार्ड) के पद पर तैनात थे और सुबह करीब ८:१० बजे अपनी ड्यूटी पर जा रहे थे।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों का आक्रोश भड़क उठा। आक्रोशित ग्रामीणों और मृतक के परिजनों ने पोखराहा फोरलेन सड़क को पूरी तरह जाम कर दिया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह ठप हो गया।
घटनास्थल पर मची चीख-पुकार, पुलिस ने शव को भेजा पोस्टमार्टम के लिए MMCH
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रामरेखा पासवान शनिवार सुबह अपनी स्कूटी से मेदिनीनगर की ओर जा रहे थे, तभी पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें कुचल दिया। हादसे के बाद घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुँची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल ट्रक और उसके चालक की पहचान कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी की मांग पर अड़े परिजन
हादसे के बाद मृतक की पत्नी और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक की पत्नी ने रोते हुए बताया, “मेरे दो छोटे-छोटे बच्चे हैं और घर में कमाने वाले एकमात्र वही (रामरेखा) सहारा थे। अब मेरे बूढ़े सास-ससुर और बच्चों की देखभाल करने वाला कोई नहीं बचा।” परिजनों और स्थानीय वार्ड पार्षद नीरा देवी की मांग है कि जिला उपायुक्त स्वयं मौके पर आएं और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा व सरकारी नौकरी सुनिश्चित करें। ग्रामीणों का आरोप है कि इस क्षेत्र में लगातार सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं।
पूर्व में चौकीदार थे मृतक, कोर्ट में चल रहा है मामला
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, रामरेखा पासवान पहले लगभग ५ वर्ष २ महीने तक चौकीदार के रूप में सेवा दे चुके थे। बाद में अन्य चौकीदारों के साथ उन्हें भी हटा दिया गया था, जिसके खिलाफ कोर्ट में मामला विचाराधीन है। आगामी १६ तारीख को भी इस मामले में सुनवाई होनी थी। परिजनों की मांग है कि यदि कोर्ट से उनके पक्ष में डिग्री आती है, तो आश्रित पत्नी को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी दी जाए।
सीओ ने दिया लिखित आश्वासन; बच्चों की पढ़ाई और आवास का जिम्मा
तनाव की स्थिति को देखते हुए अंचल अधिकारी (सीओ) दल-बल के साथ प्रदर्शन स्थल पर पहुँचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। सीओ ने उपायुक्त के नाम लिखित अनुशंसा करते हुए पीड़ित परिवार को तत्काल और दीर्घकालिक सहायता देने का भरोसा दिया।
सीओ ने मीडिया को बताया:
मुख्यमंत्री अनाथ योजना (स्पॉन्सरशिप योजना): मृतक के दोनों बच्चों को १८ वर्ष की आयु होने तक प्रति माह ४-४ हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
निःशुल्क शिक्षा: बच्चों का नामांकन सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस या कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा।
आवास और पेंशन: पीड़ित परिवार को अंबेडकर आवास योजना के तहत मकान और विधवा पेंशन का लाभ जल्द से जल्द दिलाया जाएगा।
तत्काल सहायता: अंतिम संस्कार के लिए प्रशासन और पुलिस की ओर से तत्काल नकद आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है। मृत्यु प्रमाण पत्र बनते ही पारिवारिक लाभ और ‘हिट एंड रन’ फंड के तहत मिलने वाला मुआवजा भी प्रदान किया जाएगा।
प्रशासनिक आश्वासन के बाद भी जाम पर संशय
सीओ द्वारा लिखित आश्वासन दिए जाने के बावजूद, ग्रामीण और परिजन जिला उपायुक्त (डीसी) को मौके पर बुलाने की मांग को लेकर अड़े रहे। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि वे स्थिति को सामान्य करने के लिए उच्चाधिकारियों से संपर्क साध रहे हैं और जल्द ही फोरलेन पर परिचालन बहाल करा लिया जाएगा।













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