पलामू जिला राजीव गांधी विचार समिति ने ‘बलिदान दिवस’ पर दी धरती आबा को भावभीनी श्रद्धांजलि
मेदिनीनगर (पलामू): पलामू जिला राजीव गांधी विचार समिति के तत्वावधान में ‘धरती आबा’ अमर शहीद भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि को ‘बलिदान दिवस’ के रूप में अत्यंत श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाया गया। इस गरिमामयी कार्यक्रम की अध्यक्षता समिति के जिला संयोजक गोपाल सिंह ने की।
कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों और समिति के पदाधिकारियों व सदस्यों ने स्टेशन रोड स्थित भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके पश्चात एक भव्य श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिसमें वक्ताओं ने बिरसा मुंडा के ऐतिहासिक संघर्ष और उनके आदर्शों पर प्रकाश डाला।
जल, जंगल और जमीन की रक्षा के महान प्रतीक हैं बिरसा मुंडा: मुख्य अतिथि
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि हृदयानंद मिश्र (एडवोकेट, अध्यक्ष- झारखंड प्रदेश राजीव गांधी विचार समिति एवं सदस्य- हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड, झारखंड) ने कहा:
”भगवान बिरसा मुंडा केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाली चेतना का नाम हैं। उन्होंने ब्रिटिश साम्राज्यवाद और सामंती शोषण के विरुद्ध आदिवासी समाज को संगठित कर स्वाभिमान और अधिकारों की लड़ाई का ऐतिहासिक नेतृत्व किया।”
उन्होंने आगे कहा कि बिरसा मुंडा का जीवन हमें अन्याय, उत्पीड़न और असमानता के विरुद्ध डटकर खड़े होने की प्रेरणा देता है। आज सबसे बड़ी आवश्यकता यह है कि उनके महान आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाया जाए और सामाजिक न्याय, समानता तथा भाईचारे के मूल्यों को मजबूत किया जाए। झारखंड की पहचान और गौरव के रूप में बिरसा मुंडा सदैव आने वाली पीढ़ियों के प्रेरणास्रोत बने रहेंगे; उनका बलिदान राष्ट्र की अमूल्य धरोहर है।
आदिवासी स्वाभिमान और अधिकारों के अमर नायक: बिट्टू पाठक
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि जैश रंजन पाठक उर्फ बिट्टू पाठक (पूर्व जिला अध्यक्ष सह राज्य सचिव, झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी) ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का बलिदान आदिवासी अस्मिता, स्वाभिमान और अधिकारों की रक्षा का सबसे बड़ा प्रतीक है। उन्होंने अपने अद्वितीय संघर्ष से यह सिद्ध कर दिखाया कि यदि जनशक्ति संगठित हो, तो वह किसी भी क्रूर और अन्यायपूर्ण व्यवस्था को उखाड़ फेंकने का माद्दा रखती है। युवाओं के लिए उनका जीवन एक बेहतरीन मार्गदर्शक है।
अल्पायु में वैचारिक क्रांति का सूत्रपात: श्याम नारायण सिंह
विशिष्ट अतिथि श्याम नारायण सिंह (चेयरमैन, झारखंड प्रदेश कांग्रेस शिक्षा विभाग) ने कहा कि बिरसा मुंडा ने बेहद अल्पायु में जिस वैचारिक और सामाजिक क्रांति का सूत्रपात किया, वह भारतीय इतिहास में अद्वितीय है। उनका पूरा जीवन संघर्ष, साहस और राष्ट्रभक्ति की एक अमर गाथा है, जो वंचितों और शोषितों के अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित थी। आज के युवाओं को उनके जीवन से सीख लेकर समाज और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
इन प्रबुद्ध जनों ने भी दी श्रद्धांजलि
सभा में उपस्थित सभी वक्ताओं एवं सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का जीवन त्याग, संघर्ष और राष्ट्रप्रेम का अनुपम उदाहरण है। इस अवसर पर मुख्य रूप से श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में निम्नलिखित लोग शामिल थे समीम अहमद राईन, ईश्वरी प्रसाद सिंह राजकुमार सिंह,सचितानन्द मिश्रा,सुमन तिर्की,सीटू पाठक,अजय साहू,सुरेश पाठक,जतरु उरांव,गिरजा राम विद्या सिंह चेरो, मुंन्द्रिका तिवारी,सन्नू खान, बालेश्वर भगत,मनीषा कुमारी,हेमनती लकड़ा इत्यादि मुख्य रूप से उपस्थित रहे
कार्यक्रम के समापन पर सभी ने सामूहिक रूप से उनके दिखाए मार्ग पर चलने और समाज को न्याय, समानता और स्वाभिमान की राह पर आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।













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