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उधारी के विवाद में नृशंस हत्या, पलामू पुलिस ने 72 घंटे के भीतर किया सनसनीखेज वारदात का पर्दाफाश

 

  •  हत्याकांड का मुख्य आरोपी सुरेंद्र यादव (40 वर्ष) पुलिस की गिरफ्त में।                                      
  •  मृतक का मोबाइल, घटना के समय पहने कपड़े और वारदात में प्रयुक्त अपाचे मोटरसाइकिल जब्त।  
  • ​ 25 हजार रुपये की उधारी और ब्याज को लेकर उपजे विवाद में दी गई घटना को अंजाम।
  • ​                                                       छत्तरपुर थाना में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत मामला दर्ज, आरोपी भेजा गया जेल।

 मेदिनीनगर ( पलामू ) पलामू जिला पुलिस ने छत्तरपुर थाना क्षेत्र के चिल्हो खुर्द गांव में हुए बहुचर्चित शिक्षक उदय सिंह हत्याकांड का महज 72 घंटों के भीतर सफल उद्भेदन कर लिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस अमानवीय वारदात के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने साक्ष्यों को छुपाने के उद्देश्य से छिपाए गए मृतक के मोबाइल फोन, वारदात के वक्त पहने गए खून से सने कपड़े तथा घटना में इस्तेमाल की गई अपाचे मोटरसाइकिल को बरामद कर लिया है।

क्या है पूरा मामला?

​प्राप्त विवरण के अनुसार, बीते 28 मई को चिल्हो खुर्द गांव के निवासी और पेशे से ग्रामीण चिकित्सक , 50 वर्षीय उदय सिंह की धारदार हथियार से गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। वारदात के बाद मृतक की पत्नी के लिखित आवेदन के आधार पर छत्तरपुर थाने में विभिन्न धाराओं के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) [हत्या] और 238 [साक्ष्य मिटाना] के अंतर्गत अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

एसडीपीओ के नेतृत्व में बनी एसआईटी को मिली सफलता

​मामले की संवेदनशीलता और स्थानीय आक्रोश को देखते हुए पलामू पुलिस अधीक्षक ने तत्काल संज्ञान लिया। उनके कड़े निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी छत्तरपुर के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया।

“यह एक चुनौतीपूर्ण मामला था क्योंकि घटनास्थल पर सीधे तौर पर कोई चश्मदीद नहीं था। हमारी टीम ने तकनीकी अनुसंधान, मोबाइल डंप डेटा और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों (Circumstantial Evidence) को आपस में जोड़ा, जिससे कड़ियां मिलती चली गईं।”

” पुलिस पदाधिकारी ”

​जांच के दौरान पुलिस को मृतक के पूर्व परिचित सुरेंद्र यादव की गतिविधियों पर संदेह हुआ। पुख्ता सबूत हाथ लगने के बाद पुलिस ने संदिग्ध सुरेंद्र यादव को हिरासत में लिया। शुरुआत में टालमटोल करने के बाद, कड़ाई से की गई पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और पूरी साजिश का खुलासा कर दिया।

25 हजार की उधारी और कथित अपमान बना हत्या की वजह

​पुलिसिया पूछताछ में यह बात सामने आई कि आरोपी सुरेंद्र यादव और मृतक उदय सिंह के बीच पुराना परिचय था। दोनों पूर्व में पारा शिक्षक के रूप में एक साथ कार्य कर चुके थे, जिसके कारण उनके बीच गहरा आर्थिक लेन-देन था।

​करीब छह महीने पहले आरोपी सुरेंद्र ने उदय सिंह से 25 हजार रुपये उधार लिए थे। समय बीतने के साथ इस रकम को लौटाने को लेकर दोनों के बीच तल्खी और विवाद बढ़ता गया। आरोपी ने पुलिस के समक्ष दावा किया कि मूल धन 25 हजार होने के बावजूद मृतक उदय सिंह उससे ब्याज मिलाकर कुल 50 हजार रुपये की मांग कर रहे थे। आरोपी का आरोप है कि रुपये न लौटा पाने पर समाज में उसके साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार और अपमान किया गया था। इसी प्रतिशोध और आक्रोश में आकर उसने योजनाबद्ध तरीके से शिक्षक की धारदार हथियार से हत्या कर दी।

आरोपी की पहचान और आगे की कार्रवाई

​गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान 40 वर्षीय सुरेंद्र यादव, पिता स्वर्गीय अर्जुन यादव के रूप में हुई है, जो छत्तरपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत नाग बाबा स्थान के समीप का निवासी है।

​छत्तरपुर थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब न्यायालय में मामले के त्वरित ट्रायल (Speedy Trial) के लिए फॉरेंसिक रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों को मजबूत कर रही है ताकि अपराधी को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके। इस बीच, पुलिसिया खुलासे के बाद जहां ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है, वहीं मृतक शिक्षक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे न्याय की गुहार लगा रहे हैं।

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