मेदिनीनगर ( पलामू ) : नैडीहा बाजार थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बटाने नदी स्थित डैम में शनिवार दोपहर एक बड़ा और दर्दनाक हादसा सामने आया है। भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए डैम में नहाने उतरे तीन दोस्तों में से एक 18 वर्षीय युवक की गहरे पानी में डूबने से मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के बाद से पूरे दिनादाग गांव और पीड़ित परिवारों में कोहराम मचा हुआ है।
दोपहर की मौज-मस्ती बदली मातम में
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हादसे का शिकार हुए तीनों युवक दिनादाग गांव के ही रहने वाले थे और आपस में गहरे दोस्त थे। शनिवार दोपहर करीब 1:00 बजे, कड़कड़ाती धूप और तेज गर्मी से राहत पाने के उद्देश्य से तीनों युवक बटाने नदी स्थित डैम में नहाने और मौज-मस्ती करने के लिए उतरे थे।
नहाने के दौरान युवकों को नदी के गहरे पानी और तेज बहाव का अंदाजा नहीं मिल सका, जिसके कारण तीनों अचानक गहरे पानी में समाने लगे और डूबने लगे। युवकों की चीख-पुकार सुनकर वहां मौजूद स्थानीय मल्लाहों (मछुआरों) ने भारी तत्परता दिखाई। मल्लाहों ने बिना वक्त गंवाए नदी में छलांग लगा दी और काफी मशक्कत के बाद तीनों को पानी से बाहर निकाला। हालांकि, तब तक दिनादाग निवासी भोला यादव के 18 वर्षीय पुत्र अनुज यादव की सांसें थम चुकी थीं और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
एक की हालत नाजुक, मेदिनीनगर रेफर
हादसे में सुरक्षित निकाले गए अन्य दो युवकों की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है।
- छोटू यादव (पिता- अवधेश यादव, उम्र 18 वर्ष): इनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार देने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए तुरंत मेदनीराय मेडिकल कॉलेज (अस्पताल,) मेदिनीनगर रेफर कर दिया है।
- छोटू यादव (पिता- गणेश यादव): इनकी स्थिति में थोड़ा सुधार देखा जा रहा है। वर्तमान में इनका इलाज छतरपुर अनुमंडलीय अस्पताल में चल रहा है, जहां डॉक्टर उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
’खतरे का स्पॉट’ बनता जा रहा है बटाने डैम
ग्रामीणों की चेतावनी और बेअसर साबित होती
स्थानीय ग्रामीणों ने इस हादसे पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि इस डैम में आए दिन ऐसी अप्रिय घटनाएं होती रहती हैं। भीषण और रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के चलते अक्सर बच्चे और युवा प्रशासन, पुलिस व परिजनों की सख्त मनाही के बावजूद यहाँ नहाने और रील्स बनाने पहुंच जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार समझाने और खतरों से आगाह करने के बाद भी युवा वर्ग इसे गंभीरता से नहीं ले रहा है, जिसके कारण अक्सर ऐसे दिल दहला देने वाले हादसे सामने आ रहे हैं।
स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे संवेदनशील और गहरे पानी वाले क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएं ताकि भविष्य में किसी और मासूम की जान न जाए। फिलहाल, पुलिस को घटना की सूचना दे दी गई है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।













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