पेयजल संकट से जूझ रहे ग्रामीणों ने प्रशासन और विभाग के खिलाफ की नारेबाजी, अतिक्रमण हटाने और कार्रवाई की मांग
मेदिनीनगर,पलामू : भीषण गर्मी और गहराते जल संकट के बीच नीलांबर-पीतांबरपुर प्रखंड की कुंदरी पंचायत में ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट गया। कुंदरी पंचायत स्थित अंबेडकर चौक पर नल-जल योजना की पानी टंकी से आम जनता को पानी न मिलकर एक रसूखदार परिवार द्वारा उसका निजी इस्तेमाल किए जाने से नाराज ग्रामीणों ने गुरुवार को उग्र प्रदर्शन किया। आक्रोशित ग्रामीणों ने पानी टंकी परिसर में पहुंचकर वहां ताला जड़ दिया और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग तथा स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
एक परिवार की मनमानी से ४०-५० घरों में पानी के लिए हाहाकार
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि सरकार ने जिस पानी टंकी का निर्माण लगभग 40 से 50 घरों की प्यास बुझाने और नियमित जलापूर्ति के लिए कराया था, उस पर एक परिवार ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। ग्रामीणों ने बताया कि टंकी के समीप रहने वाले पवन मेहता नामक व्यक्ति द्वारा सरकारी पानी का उपयोग अपने निजी घरेलू कार्यों और बड़े पैमाने पर खेती (सिंचाई) के लिए किया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है: “पवन मेहता अपनी मनमर्जी से पानी की सप्लाई को खोलते और बंद करते हैं। जब पूरा पानी उनके खेतों और घर में चला जाता है, तब जाकर कुछ देर के लिए सप्लाई छोड़ी जाती है। इसके कारण मोहल्ले के अन्य घरों तक या तो पानी पहुंचता ही नहीं है, या फिर बेहद कम दबाव (लो-प्रेशर) के कारण लोग बूंद-बूंद पानी को तरस जाते हैं।”
भीषण गर्मी में बढ़ा संकट, अतिक्रमण हटाने की मांग
इस समय पूरा इलाका भीषण गर्मी की चपेट में है, जिससे भू-जल स्तर काफी नीचे चला गया है। ऐसे में एकमात्र सहारा रही इस सरकारी जल योजना के ठप होने से ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि:
- जल योजना को तुरंत एक परिवार के चंगुल से मुक्त कराकर सार्वजनिक किया जाए।
- पानी टंकी परिसर के आसपास किए गए अवैध अतिक्रमण को अविलंब हटाया जाए।
- सरकारी संपत्ति और पानी का दुरुपयोग करने वाले दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
मौके पर पहुंचे जनप्रतिनिधि, आंदोलन की चेतावनी
टंकी पर तालाबंदी और हंगामे की सूचना मिलते ही कई स्थानीय जनप्रतिनिधि भी ग्रामीणों के समर्थन में मौके पर पहुंचे। सांसद प्रतिनिधि विनोद कुमार राम और पंचायत समिति सदस्य बिंदिया देवी ने ग्रामीणों की मांग को जायज ठहराते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं का निजीकरण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मौके पर मौजूद अशोक साव, वसंत कुमार वर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने २४ घंटे के भीतर मामले की जांच कर जलापूर्ति सुचारू नहीं कराई और दोषियों पर कार्रवाई नहीं की, तो वे प्रखंड मुख्यालय का घेराव करने को बाध्य होंगे। इस प्रदर्शन में मुख्य रूप से महिलाओं और बुजुर्गों की भागीदारी सबसे अधिक देखी गई, जो पानी के डिब्बे लेकर विरोध जता रहे थे।













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