मनातू (पलामू): मनातू प्रखंड अंतर्गत अंचल कार्यालय में कार्यरत अमीन जनेश्वर सिंह पर रिश्वत लेने संबंधी लगाए गए आरोप पूरी तरह से निराधार, तथ्यहीन और भ्रामक हैं। इस मामले में संबंधित आरोपों का वास्तविक तथ्यों से कोई सरोकार नहीं है।
यह बातें अंचल अमीन जनेश्वर सिंह ने खुद पर लगे आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहीं। दरअसल, पिछले दिनों मनातू प्रखंड क्षेत्र के नौडीहा पंचायत के अंतर्गत सेमरी गांव के रैयत हवा महतो द्वारा जमीन संबंधी कार्य के लिए अंचल अमीन जनेश्वर सिंह को मोटी रकम दिए जाने का मामला सामने आया था। इस मामले के उजागर होने के बाद प्रशासनिक और स्थानीय स्तर पर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया था।
कार्यालय की छवि धूमिल करने की साजिश: अमीन
पूरे मामले पर अपनी सफाई देते हुए अंचल अमीन जनेश्वर सिंह ने कहा कि कार्यालय के नियमों के अनुसार उनके द्वारा अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी नियमानुसार एवं पारदर्शिता के साथ किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि:
“कुछ असामाजिक तत्वों और लोगों द्वारा अपने व्यक्तिगत स्वार्थ की पूर्ति न होने तथा अंचल कार्यालय की छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से इस प्रकार की भ्रामक और झूठी बातें फैलाई जा रही हैं।”
अमीन ने आगे कहा कि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता एवं जवाबदेही उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बिना किसी ठोस प्रमाण के लगाए गए ऐसे मनगढ़ंत आरोप न केवल सरकारी कार्यप्रणाली को प्रभावित करते हैं, बल्कि पूरी निष्ठा से काम कर रहे कर्मचारियों की सामाजिक और पेशेवर प्रतिष्ठा को भी गहरा आघात पहुंचाते हैं।
आमजन से अपीलीय रुख
अमीन जनेश्वर सिंह ने मनातू प्रखंड क्षेत्र की जनता और आम लोगों से विशेष अपील की है कि वे इस तरह की किसी भी अपुष्ट एवं भ्रामक सूचनाओं पर बिल्कुल भी विश्वास न करें। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की शिकायत या जानकारी के लिए सीधे संबंधित कार्यालय से संपर्क कर आधिकारिक व सही जानकारी प्राप्त करें, न कि अफवाहों के शिकार बनें।
अंचलाधिकारी ने मांगा स्पष्टीकरण, जांच शुरू
इस संवेदनशील मामले को लेकर जब मनातू के अंचलाधिकारी मदन कुमार सुमन से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला उनके संज्ञान में आया है। अमीन जनेश्वर सिंह पर पैसे लेने के जो आरोप लगे हैं, उसे देखते हुए उनसे लिखित स्पष्टीकरण (शो-कॉज) मांगा गया है।
अंचलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रशासन भ्रष्टाचार को लेकर कड़ा रुख रखता है। किसी भी शिकायत के मिलने पर उसकी निष्पक्ष जांच की जाती है। इस मामले की भी पूरी गहराई से जांच की जा रही है; यदि जांच में अमीन दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ विधि सम्मत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। तब तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।













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