मेदिनीनगर : जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने बुधवार को समाहरणालय सभाकक्ष में ‘जनता दरबार’ का आयोजन किया। इस दौरान जिले के सुदूरवर्ती प्रखंडों से आए सैकड़ों फरियादियों की भारी भीड़ उमड़ी। उपायुक्त ने संवेदनशीलता दिखाते हुए न केवल लोगों की शिकायतों का ऑन-द-स्पॉट समाधान का निर्देश दिया, बल्कि एक दुर्घटनाग्रस्त युवक को तत्काल एंबुलेंस बुलाकर अस्पताल भिजवाते हुए मानवीय संवेदना की अनूठी मिसाल भी पेश की।
इन प्रमुख समस्याओं को लेकर पहुंचे ग्रामीण
जनता दरबार में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए ग्रामीणों ने अपनी शिकायतों का पुलिंदा उपायुक्त के समक्ष रखा। मुख्य रूप से निम्नलिखित मामले चर्चा के केंद्र में रहे:
- राजस्व एवं भूमि विवाद: जमीन पर अवैध कब्जा, जमीन की मापी में देरी, म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) लंबित रहने और ऑनलाइन रसीद कटने में आ रही तकनीकी बाधाएं।
- विकास योजनाएं: प्रधानमंत्री आवास योजना की बकाया राशि का भुगतान और भू-अर्जन के तहत मिलने वाले मुआवजे की मांग।
- आपूर्ति एवं कल्याण: डीलर द्वारा राशन वितरण में कोताही, पेंशन योजनाओं का लाभ न मिलना और मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना से जुड़ी समस्याएं।
- बुनियादी ढांचा: पेयजल आपूर्ति में व्यवधान, शिक्षा एवं समाज कल्याण विभाग से संबंधित शिकायतें।
दोषी अधिकारियों और कर्मियों को कड़ी हिदायत
उपायुक्त ने एक-एक कर सभी फरियादियों की बातें सुनीं। कई मामलों में उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को फोन कर फटकार लगाई और स्पष्ट निर्देश दिया कि फाइलों को बेवजह लंबित न रखा जाए। उन्होंने कहा, “प्रशासन जनता के द्वार पर है। आमजनों को अपनी वाजिब मांगों के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, यह सुनिश्चित करना अधिकारियों की प्राथमिकता होनी चाहिए।”
उपायुक्त की त्वरित पहल से घायल युवक को मिला सहारा
जनता दरबार के दौरान एक मार्मिक दृश्य देखने को मिला। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र निवासी बबलू गौड़ रेंगते हुए उपायुक्त के पास पहुंचे। उन्होंने बताया कि एक क्रशर दुर्घटना में उनका पैर कट गया है, जिससे वे पूरी तरह बेरोजगार हो गए हैं। आर्थिक तंगी इतनी अधिक है कि वे अपना इलाज जारी रखने में असमर्थ हैं।
तत्काल एक्शन: पीड़ित की आपबीती सुनते ही उपायुक्त शेखावत भावुक हो उठे। उन्होंने बिना समय गंवाए तत्काल समाहरणालय परिसर में एंबुलेंस बुलवाई और बबलू को बेहतर इलाज के लिए एमएमसीएच (MMCH) भेजवाया। साथ ही, अस्पताल अधीक्षक को फोन कर निर्देश दिया कि युवक को हर संभव चिकित्सा सुविधा मुफ्त मुहैया कराई जाए।
शीघ्र निष्पादन का भरोसा
उपायुक्त ने आमजनों को आश्वस्त किया कि प्राप्त सभी आवेदनों को पोर्टल पर दर्ज कर लिया गया है और एक निश्चित समय सीमा के भीतर इनका निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।













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