मेदिनीनगर : पलामू जिला अंतर्गत लेस्लीगंज स्थित जामा मस्जिद में गुरुवार की रात रूहानी उल्लास और अकीदत के साथ ‘ख़त्मे-क़ुरआन’ का आयोजन संपन्न हुआ। रमज़ान के मुकद्दर महीने के दौरान अदा की जा रही विशेष तरावीह की नमाज़ में पवित्र क़ुरआन मुकम्मल होने पर न केवल क्षेत्र के रोज़ेदार उमड़े, बल्कि समूचे वातावरण में शांति और आपसी सद्भाव की लहर दिखाई दी।
रूहानी मंज़र और सामूहिक दुआ
तरावीह की नमाज़ के बाद जैसे ही क़ुरआन की आखिरी आयतों की तिलावत मुकम्मल हुई, पूरी मस्जिद ‘आमीन’ की सदाओं से गूंज उठी। इस विशेष अवसर पर इमाम साहब ने मुल्क की तरक्की, कौमी एकता और दुनिया भर में अमन-चैन के लिए विशेष दुआ मांगी। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि क़ुरआन की शिक्षाएं इंसानियत, सहिष्णुता और प्रेम का मार्ग प्रशस्त करती हैं। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से अपील की कि वे रमज़ान के इस पवित्र संदेश को अपने जीवन में उतारें और समाज में भाईचारे को मज़बूत करें।
प्रशासनिक व सामाजिक सहभागिता
कार्यक्रम में मुख्य रूप से लेस्लीगंज के सदर फिरोज़ अंसारी और सेक्रेट्री मुन्ना खान ने शिरकत की। उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा:
”रमज़ान का महीना हमें आत्म-अनुशासन और दूसरों के प्रति संवेदनशीलता सिखाता है। इलाके में शांति और सुरक्षा का माहौल बनाए रखना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।”
इस दौरान मिल्लते इस्लामिया कमिटी के सदर हफीजुर्रहमान, नसीम राजा, मिस्टर महमूद और मुजफ्फर खान सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। वक्ताओं ने क्षेत्र में कायम सौहार्दपूर्ण परंपरा की सराहना की।
परंपरा और सम्मान का संगम
मस्जिद में मौजूद बुजुर्गों ने भावुक होते हुए बताया कि लेस्लीगंज में सामूहिक इबादत और एकता की यह रिवायत पीढ़ियों पुरानी है, जो आज भी नई पीढ़ी के उत्साह के साथ जीवित है। ख़त्मे-क़ुरआन के समापन पर तरावीह पढ़ाने वाले हाफ़िज़ साहब का ज़ोरदार इस्तक़बाल किया गया। अकीदतमंदों ने उन्हें सम्मान स्वरूप उपहार भेंट कर उनकी सेवाओं के लिए आभार व्यक्त किया।
- अवसर: तरावीह की नमाज़ में पवित्र क़ुरआन की मुकम्मल तिलावत।
- संदेश: सामाजिक एकता, आपसी समझदारी और इंसानियत।
- उपस्थिति: सैकड़ों स्थानीय ग्रामीण, रोज़ेदार और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि।
देर रात तक चली इस रूहानी महफ़िल ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि मजहबी आयोजन केवल इबादत तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये सामाजिक ताने-बाने को बुनने और रिश्तों में मिठास घोलने का भी सशक्त माध्यम हैं।













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