मेदिनीनगर : पलामू जिले के लेस्लीगंज (नीलाम्बर-पीताम्बरपुर) प्रखंड में इस वर्ष होली और रमज़ान के पवित्र महीने के सुखद संयोग को देखते हुए प्रशासन और प्रबुद्ध नागरिकों ने सांप्रदायिक सौहार्द की कमान संभाल ली है। क्षेत्र की ‘गंगा-जमुनी तहज़ीब’ को अक्षुण्ण रखने के उद्देश्य से थाना स्तरीय पदाधिकारियों ने शांति समिति की बैठकों और जनसंपर्क के माध्यम से क्षेत्रवासियों से विशेष अपील की है।
भावनाओं पर विवेक की विजय: प्रशासन की अपील
सदर फिरोज़ अंसारी और सेक्रेटरी मुन्ना ख़ान ने मुस्लिम समुदाय के युवाओं और बुजुर्गों के साथ संवाद करते हुए इस बात पर जोर दिया कि पर्व के दौरान संयम ही सबसे बड़ा हथियार है। पदाधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया कि यह समय भावनाओं में बहने का नहीं, बल्कि आपसी सूझबूझ और परिपक्वता दिखाने का है।
प्रशासन की ओर से जारी मुख्य दिशा-निर्देश:
- अनपेक्षित परिस्थितियों में धैर्य: यदि अनजाने में किसी पर रंग या गुलाल पड़ जाए, तो इसे विवाद का विषय न बनाकर उदारता का परिचय दें।
- अनावश्यक आवाजाही पर रोक: शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बिना किसी ठोस कारण के भीड़भाड़ वाले इलाकों में निकलने से बचने की सलाह दी गई है।
- सोशल मीडिया पर निगरानी: भ्रामक, भड़काऊ या आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने वालों पर प्रशासन की पैनी नज़र है। युवाओं से अपील की गई है कि वे डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग केवल शुभकामनाएं देने के लिए करें।
’साझी विरासत’ की रक्षा करेंगे युवा
स्थानीय बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन की इस पहल की सराहना की है। चर्चा के दौरान यह बात उभरकर आई कि लेस्लीगंज का इतिहास हमेशा से आपसी सहयोग का रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यहाँ होली की मिठास और रमज़ान की इबादत एक साथ मिलकर समाज में शांति का इत्र घोलेंगी।
”लेस्लीगंज ने हमेशा संकट के समय एकजुटता दिखाई है। हम युवाओं से अपील करते हैं कि वे उत्साह में होश न खोएं और क्षेत्र की गरिमा को सर्वोपरि रखें।”
— स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
थाना प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर क्षेत्रवासियों को आश्वस्त किया है। शांति भंग करने की कोशिश करने वाले तत्वों से निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है:
- सघन गश्त: संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल की तैनाती और गश्त बढ़ा दी गई है।
- त्वरित सूचना तंत्र: किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अफवाह की सूचना तत्काल पुलिस को देने के लिए हेल्पलाइन नंबर सक्रिय किए गए हैं।
लेस्लीगंज का यह साझा प्रयास केवल एक प्रशासनिक कवायद नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र की उस विविधता में एकता का जीवंत उदाहरण है, जहाँ अलग-अलग आस्थाएं एक ही आंगन में शांतिपूर्वक मुस्कुराती हैं। प्रशासन की मुस्तैदी और जनता का सहयोग निश्चित रूप से इस त्योहार को यादगार और शांतिपूर्ण बनाएगा।














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