विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि काठगोदाम रेलवे स्टेशन पर आतंकियों के पकड़े जाने का दावा झूठा है। वायरल वीडियो पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा की गई एक मॉक ड्रिल का है, जिसे अब गलत संदर्भ में साझा किया जा रहा है।
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें सुरक्षा बलों को कुछ लोगों को काबू करते और स्टेशन पर कार्रवाई करते देखा जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि उत्तराखंड के काठगोदाम रेलवे स्टेशन पर दो आतंकियों को ढेर कर दिया गया है और दो को गिरफ्तार किया गया है। इसके बाद पूरे इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
विश्वास न्यूज की जांच में यह दावा गलत निकला। वायरल हो रहा वीडियो असल में दिसंबर 2025 में काठगोदाम रेलवे स्टेशन पर आयोजित एक मॉक ड्रिल का है।
क्या है वायरल?
फेसबुक यूजर ‘Sinod S’ (Archive) ने 22 फरवरी 2026 को एक वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि यह उत्तराखंड के काठगोदाम का है। वहीं, एक अन्य यूजर ‘Sanjay Acharya‘ (Archive) ने 25 फरवरी 2026 को इसी वीडियो को जोधपुर का बताकर साझा किया। पोस्ट में लिखा, ”जोधपुर में भगत की कोठी रेलवे स्टेशन पर दो आतंकवादी ढेर दो गिरफ्तार हाई अलर्ट।”

पड़ताल
पोस्ट में किए गए दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने सबसे पहले कीवर्ड सर्च का सहारा लिया। हमें हाल-फिलहाल में काठगोदाम या जोधपुर के किसी भी क्षेत्र में आतंकियों के ढेर होने या पकड़े जाने की कोई भी प्रामाणिक मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली।
इसके बाद हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल लेंस की मदद से रिवर्स इमेज सर्च के जरिए खोजा। जांच के दौरान हमें दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट मिली, जो 5 दिसंबर 2025 को प्रकाशित हुई थी। रिपोर्ट में वायरल वीडियो वाले विजुअल्स एम्बेड थे। भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, “देश के विभिन्न हिस्सों में हुए विस्फोटों और राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर नैनीताल पुलिस द्वारा चलाए जा रहे मॉक ड्रिल अभियान के तहत काठगोदाम रेलवे स्टेशन पर आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए एक व्यापक अभ्यास किया गया। इस दौरान सुरक्षा बलों ने एक आतंकी हमले की काल्पनिक स्थिति तैयार कर जवाबी कार्रवाई का सफल प्रदर्शन किया।”

आगे की जांच में हमें अमर उजाला की 6 दिसंबर 2025 की एक खबर मिली। इस रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया, “एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देशन में आतंकवादी हमला होने की परिकल्पना के आधार पर काठगोदाम रेलवे स्टेशन पर मॉक ड्रिल हुआ। इसमें एटीएस, डॉग स्क्वायड, जीआरपी, आरपीएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने हिस्सा लिया। अभ्यास के दौरान दिखाया गया कि चार आतंकियों ने स्टेशन पर नागरिकों को बंधक बनाया, जिनमें से दो को ढेर किया गया और दो को पकड़ा गया।”
लाइव हिंदुस्तान ने भी 5 दिसंबर 2026 को इस मॉक ड्रिल पर एक रिपोर्ट पब्लिश की थी।
हमने इस मामले की अधिक जानकारी के लिए दैनिक जागरण के उत्तराखंड डिजिटल हेड सुनील नेगी से बात की। उन्होंने पुष्टि की कि यह वीडियो एक मॉक ड्रिल का है जो 5 दिसंबर 2025 को काठगोदाम रेलवे स्टेशन पर आयोजित की गई थी। इसका किसी वास्तविक आतंकी घटना से कोई लेना-देना नहीं है।
अक्सर सुरक्षा बलों की मॉक ड्रिल के वीडियो भ्रामक दावों के साथ वायरल कर दिए जाते हैं। विश्वास न्यूज द्वारा पहले भी ऐसे कई दावों का फैक्ट चेक किया जा चुका है, जिन्हें आप यहां क्लिक कर पढ़ सकते हैं।
गलत दावा शेयर करने वाले फेसबुक यूजर Sanjay Acharya के प्रोफाइल की जांच करने पर पता चला कि उनके 5000 से अधिक फॉलोअर्स हैं।
निष्कर्ष:
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि काठगोदाम रेलवे स्टेशन पर आतंकियों के पकड़े जाने का दावा झूठा है। वायरल वीडियो पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा की गई एक मॉक ड्रिल का है, जिसे अब गलत संदर्भ में साझा किया जा रहा है।

- Claim Review : उत्तराखंड के काठगोदाम रेलवे स्टेशन पर दो आतंकियों को ढेर कर दिया गया है और दो को गिरफ्तार किया गया है।
- Claimed By : Facebook user ‘Sinod S’
- Fact Check : झूठ
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