विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल वीडियो बांग्लादेश में ढाका के शाहबागका है। इस वीडियो का भारत से कोई संबंध नहीं है। यह वीडियो तब का है, जब बांग्लादेश में एक प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी।
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ पुलिसकर्मियों को भीड़ पर लाठीचार्ज करते हुए देखा जा सकता है। इस वीडियो में टोपी और कुर्ता- पजामा पहने एक मुस्लिम युवक भी दिख रहा है, जो पुलिसकर्मियों के बीच में आकर खड़ा हो जाता है। इस वीडियो को कई भारतीय सोशल मीडिया अकाउंट्स मुस्लिमों पर धर्म के आधार पर हो रहे जुल्म के हवाले से शेयर कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल वीडियो बांग्लादेश में ढाका के शाहबागका है। इस वीडियो का भारत से कोई संबंध नहीं है। यह वीडियो तब का है, जब बांग्लादेश में एक प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी।
क्या है वायरल पोस्ट में?
इंस्टाग्राम यूजर ‘सैयद फहीम’ ने 8 फरवरी 2026 को वायरल पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा, ”इस्लाम, मुस्लमान टोपी दिखा तो मारो बस।”

पड़ताल
अपनी पड़ताल को शुरू करते हुए सबसे पहले हमने वायरल वीडियो के की-फ्रेम्स निकाले और उन्हें गूगल लेंस के जरिए सर्च किया। सर्च में हमें यह वीडियो कई सोशल मीडिया अकाउंट्स पर शेयर किया हुआ मिला। ‘सलाहूद्दिन’ नाम के एक वेरिफाइड एक्स हैंडल ने इस वीडियो को 8 फरवरी 2026 को पोस्ट किया है। वहीं, इस वीडियो के कमेंट सेक्शन को चेक करने पर हमें एक यूजर का कमेंट मिला, जिसने इस वीडियो को बांग्लादेश का बताया है।
इसी बुनियाद पर हमने अपनी पड़ताल को आगे बढ़ाया और हमें बांग्लादेश से संचालित फेसबुक पेज पर भी इसी वीडियो की तस्वीर अपलोड की हुई मिली। इसके अलावा इस वीडियो को बांग्ला भाषा के कई यूट्यूब चैनल्स पर भी अपलोड किया गया है। ये वीडियो और तस्वीरें फरवरी 2026 में ही अपलोड की गई हैं।
पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने अलग-अलग की-वर्ड से न्यूज सर्च किया। सर्च में हमें वायरल वीडियो से जुड़ा आर्टिकल ‘बांग्लादेश इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन राइट्स’ नाम के फेसबुक पेज से 7 फरवरी 2026 को शेयर किया हुआ मिला। यहां thefinancetoday.net के आर्टिकल को शेयर किया गया है।
thefinancetoday.net की वेबसाइट पर 7 फरवरी के आर्टिकल में दी गई जानकारी के अनुसार, ढाका के शाहबाग इलाके में इंक़िलाब मंच के प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। यह विरोध-प्रदर्शन शरीफ उस्मान हादी की पिछले साल हुई हत्या के मामले में तत्काल न्याय की मांग को लेकर किया जा रहा था। इसी दौरान साजिद नाम का एक युवा कार्यकर्ता चर्चा में आया, जो पुलिस की बर्बर पिटाई के बावजूद अपनी जगह पर डटा रहा। सोशल मीडिया पर साजिद को इस प्रदर्शन में साहस और विरोध के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।

6 फरवरी 2026 को हुए इस प्रदर्शन से जुड़ी खबरों को ढाका ट्रिब्यून और हिंदुस्तान टाइम्स की वेबसाइट पर पढ़ा जा सकता है।
वायरल वीडियो की पुष्टि के लिए हमने ‘बांग्लादेश इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन राइट्स’ के फेसबुक पेज से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि यह शाहबाग, ढाका का वीडियो है।
अब बारी थी भ्रामक पोस्ट को शेयर करने वाले इंस्टाग्राम यूजर ‘सैयद फहीम’ की सोशल स्कैनिंग करने की। हमने पाया कि यूजर को एक लाख 36 हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल वीडियो बांग्लादेश के शाहबाग, ढाका का है। इस वीडियो का भारत से कोई संबंध नहीं है। यह वीडियो तब का है, जब बांग्लादेश में हुए एक प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी।

- Claim Review : भारत में मुस्लिम होने की वजह से पुलिस का अत्याचार।
- Claimed By : इंस्टाग्राम यूजर ‘सैयद फहीम’
- Fact Check : भ्रामक
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