मेदिनीनगर (झारखण्ड): जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा नशीले पदार्थों के विरुद्ध चलाए जा रहे शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) अभियान के तहत पलामू पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पांकी थाना क्षेत्र के दुर्गम जंगली इलाकों में अवैध रूप से उगाई गई अफीम की खेती पर प्रशासन ने कड़ा प्रहार किया है। शुक्रवार को एक संयुक्त छापेमारी अभियान चलाकर करीब 2.5 एकड़ भूमि पर लहलहा रही अफीम (पोस्ता) की फसल को पूरी तरह ट्रैक्टर चलाकर और उखाड़कर नष्ट कर दिया गया।
संयुक्त टीम ने चलाया विशेष अभियान
मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली थी कि पांकी थाना अंतर्गत ग्राम सोरठ और करार के सीमावर्ती जंगली क्षेत्रों में वन भूमि का अतिक्रमण कर बड़े पैमाने पर अवैध अफीम की खेती की जा रही है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम का गठन किया गया।
इस विनष्टीकरण अभियान में निम्नलिखित टीमों ने मुख्य भूमिका निभाई:
- पांकी थाना के पुलिस पदाधिकारी एवं जवान।
- ताल पिकेट के पदाधिकारी एवं सशस्त्र बल।
- वन विभाग की विशेष टीम।
दुर्गम पहाड़ी रास्ता होने के बावजूद टीम ने मौके पर पहुँचकर अवैध फसल को नष्ट किया। अधिकारियों के अनुसार, जब्त की गई फसल की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों में आंकी जा रही है।
दोषियों की पहचान जारी, दर्ज होगा वन वाद
कार्रवाई के दौरान पुलिस और वन विभाग की टीम उन भू-खंडों को चिह्नित कर रही है जहाँ यह खेती की जा रही थी। वन भूमि पर इस प्रकार का अवैध कृत्य करने वालों के विरुद्ध वन अधिनियम (Forest Act) के तहत कड़ा ‘वन वाद’ (Forest Case) दायर किया जा रहा है। फिलहाल, इस अवैध धंधे में संलिप्त मुख्य सरगनाओं और स्थानीय खेती करने वाले व्यक्तियों के नाम-पता का सत्यापन किया जा रहा है, ताकि उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जा सके।
जारी रहेगा अभियान
पांकी पुलिस के अनुसार, अफीम की खेती न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह क्षेत्र की युवा पीढ़ी को नशे की गर्त में धकेल रही है। पुलिस पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि:
”अवैध मादक पदार्थों की खेती और तस्करी के विरुद्ध यह अभियान थमने वाला नहीं है। आने वाले दिनों में अन्य संदिग्ध क्षेत्रों में भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
स्थानीय ग्रामीणों से भी अपील की गई है कि वे इस प्रकार की अवैध गतिविधियों की सूचना पुलिस को दें, ताकि समाज को नशा मुक्त बनाया जा सके।
















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