बारियातू/सिमरिया : चतरा और लातेहार जिले के सीमावर्ती इलाके में सोमवार की रात एक हृदयविदारक हादसा हुआ। रांची से दिल्ली जा रही ‘रेड बर्ड’ कंपनी की एक निजी एयर एम्बुलेंस चतरा के सिमरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत कसारी गांव के दुर्गम ‘करमटांड जंगल’ में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस भीषण हादसे में विमान में सवार मरीज, डॉक्टर और पायलट समेत सभी सात लोगों की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
हादसे का मंजर: घने जंगल में मलबे में तब्दील हुआ विमान
जानकारी के अनुसार, एयर एम्बुलेंस ने सोमवार शाम करीब 7 बजे रांची एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद, खराब मौसम और घने पहाड़ी क्षेत्र के ऊपर से गुजरते समय विमान का रडार से संपर्क टूट गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देर रात जंगल में तेज धमाके की आवाज सुनाई दी और आग की लपटें देखी गईं।
स्थानीय ग्रामीणों की सूचना पर जब तक प्रशासन पहुंचता, तब तक विमान पूरी तरह मलबे में तब्दील हो चुका था।
मृतकों की सूची: चिकित्सा जगत और इलाके में शोक
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान कर ली गई है। मृतकों में मुख्य रूप से लातेहार के चंदवा निवासी मरीज और चर्चित चिकित्सक शामिल हैं:
- मरीज: संजय कुमार (निवासी- चंदवा, लातेहार)
- परिजन: अर्चना देवी एवं ध्रुव कुमार
- चिकित्सक: डॉ. विकास कुमार गुप्ता (क्षेत्र के प्रसिद्ध डॉक्टर)
- क्रू मेंबर्स: पायलट कप्तान सरबजीत सिंह, सह-पायलट कप्तान विकास भगत
- स्टाफ: पैरामेडिकल कर्मी संजीव कुमार मिश्रा
खराब मौसम बना ‘काल’, जांच के आदेश
प्रारंभिक जांच में हादसे का मुख्य कारण क्षेत्र में व्याप्त खराब मौसम और लो विजिबिलिटी (कम दृश्यता) को माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि घने जंगल और पहाड़ियों के बीच संतुलन बिगड़ने से विमान क्रैश हुआ होगा। हालांकि, नागरिक उड्डयन विभाग और तकनीकी टीम ब्लैक बॉक्स की तलाश कर रही है, जिसके बाद ही तकनीकी खराबी या अन्य कारणों का खुलासा हो सकेगा।
रेस्क्यू ऑपरेशन: अंधेरा और दुर्गम रास्ता बनी चुनौती
घटनास्थल इतना दुर्गम था कि राहत एवं बचाव दल को वहां पहुंचने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। चतरा उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में बालुमाथ व सिमरिया की पुलिस टीम ने ग्रामीणों की मदद से टॉर्च की रोशनी में शवों को बरामद किया। मंगलवार सुबह तक दोनों जिलों की प्रशासनिक टीमें मौके पर डटी रहीं।
”यह एक अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। प्रशासन ने सभी शवों को कब्जे में ले लिया है और परिजनों को सूचित कर दिया गया है। हादसे की उच्चस्तरीय जांच के लिए संबंधित विभागों को रिपोर्ट भेजी जा रही है।”
— प्रशासनिक अधिकारी, चतरा-लातेहार
डॉ. विकास के निधन से अपूरणीय क्षति
हादसे में डॉ. विकास कुमार गुप्ता की मौत की खबर फैलते ही पूरे चिकित्सा जगत में शोक की लहर दौड़ गई। डॉ. विकास अपनी सेवा भावना के लिए क्षेत्र में काफी लोकप्रिय थे। स्थानीय लोगों ने इसे समाज के लिए एक बड़ी क्षति बताया है।
अश्रुपूरित श्रद्धांजलि: चतरा और लातेहार के विभिन्न संगठनों ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। पूरे क्षेत्र में आज मातम पसरा है और बाजारों में सन्नाटा देखा जा रहा है।













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