मेदिनीनगर: तकनीकी नवाचार और भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज (GEC), पलामू में ‘MIC एवं IIC 8.0’ के तत्वावधान में एक दिवसीय ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) वर्कशॉप समिट’ का सफल आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में कॉलेज के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने शिरकत की, जहाँ एआई के बढ़ते प्रभाव और इसके व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर गहन चर्चा हुई।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ विधिवत शुभारंभ
कार्यक्रम का आरंभ मुख्य अतिथियों एवं कॉलेज के माननीय प्राचार्य द्वारा पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। औपचारिक उद्घाटन करते हुए प्राचार्य प्रो. (डॉ.) संजय कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान युग एआई का है। उन्होंने शिक्षा और उद्योग जगत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) की अनिवार्यता पर जोर देते हुए छात्रों को आधुनिक तकनीकों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए प्रेरित किया।
वर्चुअल और फिजिकल सत्रों में साझा हुआ ज्ञान
वर्कशॉप को मुख्य रूप से तीन तकनीकी सत्रों में विभाजित किया गया था, जो छात्रों के लिए बेहद ज्ञानवर्धक रहे:
- प्रथम सत्र: अतिथि वक्ता श्री आकाश केशरी ने वर्चुअल माध्यम से छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने प्रतियोगी प्रोग्रामिंग (Competitive Programming) की बारीकियों को समझाया और बताया कि कैसे एआई-आधारित कोडिंग प्लेसमेंट और इंटर्नशिप के अवसरों को सुलभ बना सकती है।
- द्वितीय सत्र: इस सत्र के मुख्य आकर्षण 17 वर्षीय युवा उद्यमी और एआई प्रोडिजी यशवर्धन शर्मा रहे। उन्होंने इतनी कम उम्र में अपनी सफल यात्रा साझा करते हुए बताया कि एआई के क्षेत्र में नवाचार की असीम संभावनाएँ मौजूद हैं।
- तृतीय सत्र: बीआईटी मेसरा, रांची के सहायक प्राध्यापक डॉ. नंद कुमार ज्योतिष ने ‘IoT आधारित सेफ्टी क्रिटिकल सिस्टम’ पर तकनीकी व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि कैसे सुरक्षा उपकरणों में एआई और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) का एकीकरण मानव जीवन को सुगम बना सकता है।
नवाचार संस्कृति को बढ़ावा देने का संकल्प
कार्यक्रम के समापन सत्र में डॉ. मुरली मनोहर ने संस्थान में नवाचार संस्कृति को प्रोत्साहित करने पर बल दिया। उन्होंने IIC (इन्स्टिट्यूशन इनोवेशन काउंसिल) के विजन को साझा करते हुए कहा कि GEC पलामू भविष्य में भी तकनीकी विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जारी रखेगा।
इनकी रही मुख्य भूमिका
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में IIC 8.0 के छात्र समन्वयकों— हिमांशु कुशवाहा, ज्योति कुमारी, शिवम सुधांशु, सुप्रियो चौधरी, पुरब चंद पंडित एवं सृष्टि शर्मा की सक्रिय भागीदारी और कड़ी मेहनत की सराहना की गई।
संस्थान के छात्रों ने इस कार्यशाला को करियर के दृष्टिकोण से अत्यंत लाभकारी बताया। इस आयोजन से पलामू जैसे क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा और शोध को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद है।












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