मेदिनीनगर, झारखण्ड :- रिश्तों को तार-तार कर देने वाली एक सनसनीखेज घटना झारखंड के पलामू जिले से सामने आई है, जहाँ एक सगी मां ने ममता का गला घोंटते हुए अपनी नाबालिग बेटी का सौदा कर दिया। महज कुछ रुपयों के लालच में मां ने मासूम बच्ची को एक बुजुर्ग के साथ जबरन शादी के मंडप में धकेल दिया। इस अमानवीय कृत्य का खुलासा तब हुआ जब बच्ची की तबीयत बिगड़ी और उसे अस्पताल ले जाया गया।
धोखे और लालच का जाल
घटना की पृष्ठभूमि तीन साल पहले शुरू हुई थी, जब पीड़िता की मां अपने पति और बच्चों को छोड़कर किसी अन्य व्यक्ति के साथ रहने चली गई थी। पिता मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। पीड़िता के मुताबिक, हाल ही में उसकी मां अचानक गांव लौटी और उसे प्यार का झांसा देकर अपने साथ ले गई। पिता काम के सिलसिले में बाहर थे, जिसका फायदा उठाकर मां ने बच्ची को बहलाया-फुसलाया।
मंदिर में जबरन शादी और कैद की जिंदगी
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि सदर थाना क्षेत्र के चियांकी स्थित एक मंदिर में उसे डरा-धमकाकर एक बुजुर्ग व्यक्ति से ब्याह दिया गया। शादी के बाद उसे एक घर में कैद कर दिया गया। उसे न तो किसी से बात करने की अनुमति थी और न ही घर से बाहर निकलने की। मासूम को मानसिक रूप से तोड़ने के लिए यह झूठ भी बोला गया कि उसके पिता की मृत्यु हो चुकी है, ताकि वह घर वापस जाने की उम्मीद छोड़ दे।
अस्पताल में खुला राज
सोमवार को जब बच्ची की हालत गंभीर रूप से बिगड़ी, तो उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां उसकी घबराहट और कम उम्र देखकर स्वास्थ्य कर्मियों को संदेह हुआ। पूछताछ के दौरान पीड़िता फूट-फूटकर रो पड़ी और अपनी आपबीती सुनाई।
”मुझे बताया गया कि मेरे पिता मर चुके हैं। मुझे एक कमरे में बंद रखा जाता था। मां ने ही मुझे इस नर्क में धकेला है।” — पीड़िता का बयान
पिता ने कराया मुक्त, प्रशासन की भूमिका पर सवाल
बेटी की आपबीती सुनने के बाद स्वास्थ्य केंद्र ने तत्काल पुलिस को सूचित किया। किसी तरह बच्ची का संपर्क उसके पिता से हुआ, जो खबर मिलते ही काम छोड़कर गांव पहुंचे और अपनी बेटी को बुजुर्ग के चंगुल से मुक्त कराया। पिता ने अपनी पत्नी पर इस पूरी साजिश का मुख्य सूत्रधार होने का आरोप लगाया है।
दूसरी ओर, इस मामले में प्रशासनिक तालमेल की कमी भी नजर आई। सीडब्ल्यूसी (CWC) के सदस्य रविशंकर शर्मा ने इस मामले पर अनभिज्ञता जाहिर करते हुए कहा कि उनके पास अभी तक ऐसी किसी बच्ची को नहीं भेजा गया है।
पुलिसिया कार्रवाई और सामाजिक चिंता
पुलिस ने पीड़िता और उसके पिता के बयान दर्ज कर लिए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि:
- बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है।
- आरोपी मां और बुजुर्ग व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी है।
- बच्ची को जल्द ही काउंसलिंग और सुरक्षा के लिए बाल गृह भेजा जा सकता है।
संपादकीय टिप्पणी: यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है। जहां एक ओर हम महिला सशक्तिकरण की बात करते हैं, वहीं दूसरी ओर गरीबी और लालच के कारण आज भी मासूमों के बचपन का सौदा हो रहा है। प्रशासन को इस मामले में त्वरित न्याय सुनिश्चित करना चाहिए ताकि भविष्य में कोई ‘ममता’ इस तरह शर्मसार न हो।













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