पांकी (पलामू): नशा मुक्त समाज के निर्माण और अवैध मादक पदार्थों की खेती के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में पांकी पुलिस को सोमवार को एक बड़ी सफलता हाथ लगी। दिनांक 02 फरवरी 2026 को गुप्त सूचना के आधार पर पांकी थाना क्षेत्र के ग्राम कसमार एवं तेतरियाडीह के दुर्गम जंगली इलाकों में छापेमारी कर करीब 3.5 एकड़ वन भूमि पर अवैध रूप से उगाई गई अफीम (पोस्ता) की फसल को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया।
संयुक्त टीम ने चलाया सर्च ऑपरेशन
यह कार्रवाई पांकी अंचल के पुलिस निरीक्षक के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम द्वारा की गई। इस विशेष अभियान में निम्नलिखित इकाइयों की सक्रिय भागीदारी रही:
- पुलिस विभाग: पांकी थाना के पदाधिकारी, ताल पिकेट के पदाधिकारी एवं दोनों केंद्रों के सशस्त्र जवान।
- वन विभाग: वन क्षेत्र के अधिकारियों और कर्मियों की विशेष टीम।
जंगली और पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण टीम को चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन तालमेल के साथ अभियान चलाते हुए लहलहाती अफीम की फसल को ट्रैक्टर और अन्य माध्यमों से जोतकर नष्ट कर दिया गया।
दोषियों की पहचान और कानूनी कार्रवाई
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी जमीन (वन भूमि) का दुरुपयोग कर नशे का काला कारोबार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। वर्तमान में पुलिस इस अवैध खेती में संलिप्त मुख्य सरगनाओं और स्थानीय मददगारों की पहचान करने में जुटी है।
थाना प्रभारी के अनुसार:
”अफीम की खेती के खिलाफ हमारा ‘जीरो टॉलरेंस’ अभियान जारी है। कसमार और तेतरियाडीह में संलिप्त लोगों का नाम और पता सत्यापित किया जा रहा है। जल्द ही प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर संबंधित दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”
ग्रामीणों से अपील
पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों से भी अपील की है कि वे इस तरह की अवैध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें। पुलिस का कहना है कि जंगली क्षेत्रों में अफीम की खेती न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह क्षेत्र की शांति और युवाओं के भविष्य के लिए भी बड़ा खतरा है।
















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