मनातू (पलामू): पलामू जिले के मनातू प्रखंड अंतर्गत कलाली चक उप स्वास्थ्य केंद्र इन दिनों अपनी स्वास्थ्य सेवाओं से ज्यादा एक अजीबोगरीब मामले को लेकर चर्चा का केंद्र बना हुआ है। यहां पदस्थापित एएनएम मुन्नी देवी का स्थानांतरण हुए लगभग एक महीना बीत चुका है, लेकिन इसके बावजूद उनके परिवार का उप स्वास्थ्य केंद्र के सरकारी भवन पर कब्जा बना हुआ है। इस स्थिति ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक कसावट पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के उद्देश्य को झटका
ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने के लिए सरकार द्वारा उप स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण कराया जाता है ताकि आम जनता को वक्त पर चिकित्सीय लाभ मिल सके। कलाली चक उप स्वास्थ्य केंद्र भी इसी उद्देश्य के साथ स्थापित किया गया था।
लेकिन, स्थानांतरण के एक महीने बाद भी संबंधित एएनएम के परिवार द्वारा सरकारी आवास व परिसर का उपयोग जारी रखना स्थानीय स्तर पर रोष और चर्चा का विषय बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब स्वास्थ्यकर्मी का तबादला अन्यत्र हो चुका है, तो किस आधार पर सरकारी भवन का आवासीय उपयोग किया जा रहा है?
विभागीय उदासीनता और उठते सवाल
स्थानीय लोगों और प्रबुद्ध नागरिकों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी के कारण ऐसी स्थिति उत्पन्न हो रही है। लोगों का सवाल है कि:
- स्थानांतरण के बाद भी सरकारी संपत्ति पर कब्जा क्यों बना हुआ है?
- क्या विभाग को इस बात की सूचना नहीं है या जानकर भी आंखें मूंदी गई हैं?
- नए पदस्थापित स्वास्थ्यकर्मी या आने वाले कर्मियों के लिए आवास की व्यवस्था कैसे सुनिश्चित होगी?
जांच और कार्रवाई की मांग
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय स्तर पर यह मांग जोर पकड़ने लगी है कि जिला स्वास्थ्य प्रशासन और मनातू के स्थानीय अधिकारी तत्काल इस मामले का संज्ञान लें। ग्रामीणों ने उप स्वास्थ्य केंद्र की वास्तविक स्थिति की जांच कर सरकारी भवन को अतिक्रमण मुक्त कराने और स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह सुचारू रूप से संचालित करने की मांग की है।
अब सबकी निगाहें स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे इस मामले में कब तक औचक निरीक्षण या जांच के आदेश देते हैं और कलाली चक उप स्वास्थ्य केंद्र को लेकर क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।












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