मेदिनीनगर (पलामू): तरहसी थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक नाबालिग की संदेहास्पद स्थिति में कुएं से शव मिलने के मामले में पुलिस की जांच लगातार जारी है। इस मामले में मृतका के परिजनों ने हत्या करने और साक्ष्य छिपाने की नीयत से शव को कुएं में फेंकने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि अन्य दो आरोपियों की संलिप्तता और साक्ष्यों की तलाश की जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
इस घटना के संबंध में तरहसी थाना कांड संख्या 52/2026, दिनांक 8 अप्रैल 2026 को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न सुसंगत धाराओं और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
घटना की सूचना मिलने के बाद तत्कालीन अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) मनोज कुमार झा, तत्कालीन थाना प्रभारी आनंद राम और अनुसंधानकर्ता पुलिस अवर निरीक्षक अनंत कुमार सिंह ने घटनास्थल पर पहुंचकर तफ्तीश शुरू की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए साक्ष्य संकलन के लिए डॉग स्क्वॉड की भी मदद ली गई थी, हालांकि शुरुआती दौर में कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग सका था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस अनुसंधान
पुलिस अनुसंधान के दौरान यह बात सामने आई कि मृतका गत 7 अप्रैल 2026 को आरोपी सूरज कुमार के घर गई थी, जहां दोनों के बीच शादी को लेकर बातचीत हुई थी। पुलिस विज्ञप्ति के अनुसार, सूरज कुमार द्वारा शादी से इनकार किए जाने के बाद मृतका वहां से निकल गई थी, और बाद में उसका शव एक कुएं से बरामद किया गया था। इस मामले में नामजद आरोपी सूरज कुमार को पुलिस ने 18 मई 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
सामने आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, चिकित्सक ने पानी में डूबने से दम घुटने के कारण मौत होने की पुष्टि की है। हालांकि, मौत के वास्तविक और पुख्ता कारणों का पता लगाने के लिए मृतका का विसरा जांच हेतु विधि-विज्ञान प्रयोगशाला एवं निदेशालय (FSL), झारखंड, रांची भेजा गया है। पुलिस फिलहाल इसी एफएसएल जांच रिपोर्ट के इंतजार में है।
उच्चाधिकारियों के निर्देश पर हो रहा पूरक अनुसंधान
प्रारंभिक पुलिस जांच से असंतुष्ट मृतका के परिजनों ने पलामू पुलिस अधीक्षक को एक आवेदन देकर निष्पक्ष और गहन जांच की गुहार लगाई थी। परिजनों की मांग पर एसपी के निर्देशानुसार छतरपुर के एसडीपीओ द्वारा भी इस मामले की जांच कराई गई।
वर्तमान में पलामू का अनुसंधान विंग इस मामले का पूरक अनुसंधान कर रहा है। हाल ही में वर्तमान थाना प्रभारी राजेश रंजन और अन्य पुलिस पदाधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा कर परिजनों, स्थानीय ग्रामीणों और गवाहों से गहन पूछताछ की है।
मामले में पुलिस की जांच पूरी संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ जारी है। एफएसएल रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच में जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर अन्य आरोपियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे। प्रशांत कुमार अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी लेस्लीगंज
















Leave a Reply