मेदिनीनगर (पलामू): पलामू जिले में निर्माण कार्यों को रफ्तार देने और अवैध बालू खनन पर अंकुश लगाने की दिशा में जिला प्रशासन को बड़ी सफलता मिली है। शुक्रवार, 9 अक्टूबर को जिला प्रशासन द्वारा ऑनलाइन ‘JharkhandTenders’ पोर्टल के माध्यम से कैटेगरी-2 के चार प्रमुख बालू घाटों की ई-नीलामी प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न कराई गई। इस नीलामी से राज्य सरकार के खजाने में कुल ₹26,58,73,000 (लगभग 26.59 करोड़ रुपये) का राजस्व प्राप्त होगा।
नीलामी को लेकर कारोबारियों में जबरदस्त उत्साह देखा गया और कुल 13 प्रतिभागियों ने बोली प्रक्रिया में हिस्सा लिया। ई-नीलामी के दौरान सबसे दिलचस्प मुकाबला पांकी प्रखंड स्थित बरवैया बालू घाट को लेकर देखने को मिला।
बरवैया बालू घाट पर बना राज्य स्तरीय रिकॉर्ड
बरवैया बालू घाट के लिए जिला प्रशासन द्वारा न्यूनतम बोली (रिजर्व प्राइस) ₹1,29,72,623 निर्धारित की गई थी। इसके जवाब में उद्योगपतियों ने आक्रामक बोलियां लगाईं। लगभग 50 राउंड की मैराथन बोली के बाद श्री कमलेश प्रसाद ने न्यूनतम मूल्य से करीब पांच गुना अधिक ₹5,25,45,300 की उच्चतम बोली लगाकर इस घाट का आवंटन अपने नाम किया। एक बालू घाट की नीलामी में 50 राउंड तक बोली चलना राज्य स्तर पर एक नया रिकॉर्ड माना जा रहा है।
अन्य तीन घाटों का आवंटन और बोलियों का ब्योरा
- लालगढ़ बालू घाट (विश्रामपुर): नीलामी में सबसे महंगी बोली लालगढ़ घाट के लिए लगी, जिसे श्री प्रमोद प्रसाद ने ₹11,56,28,600 की उच्चतम बोली लगाकर हासिल किया।
- मिसिर पतरा बालू घाट (लेस्लीगंज ): प्रखंड के इस घाट को श्री अमित कुमार सिन्हा ने ₹6,16,40,500 में अपने नाम किया।
- कबरा कला बालू घाट (हैदरनगर): हैदरनगर प्रखंड स्थित इस घाट की उच्चतम बोली श्री शशिकांत गुप्ता उर्फ गुड्डू गुप्ता ने ₹3,60,58,600 लगाई।
जिले में अब तक 5 बालू घाट नीलाम
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व जिला प्रशासन द्वारा कांके खुर्द बालू घाट की नीलामी प्रक्रिया भी सफलतापूर्वक पूरी की जा चुकी है। ताजा नीलामी के साथ ही पलामू जिले में अब तक कैटेगरी-2 के कुल 5 बालू घाटों का सफल आवंटन पूरा हो चुका है।
“निर्माण कार्यों में तेजी आएगी और अवैध खनन पर लगेगा अंकुश” — जिला खनन पदाधिकारी
नीलामी प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिला खनन पदाधिकारी (DMO) श्री सुनील कुमार ने प्रक्रिया में शामिल सभी व्यवसायियों का आभार जताया। उन्होंने कहा:
“जिला प्रशासन द्वारा बालू घाटों के सुचारू एवं नियमानुसार संचालन के लिए सफल आवंटियों को पूरा सहयोग प्रदान किया जाएगा। बालू घाटों के चालू होने से जिले में बालू की उपलब्धता बढ़ेगी और निर्माण कार्यों के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भरता खत्म होगी। इससे अवैध खनन एवं परिवहन पर प्रभावी रोक लगेगी और सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी होगी।”
जिला खनन पदाधिकारी ने सभी सफल निविदादाताओं (बिडर्स) से अपील की कि वे बालू घाटों का संचालन निर्धारित सरकारी नियमों और पर्यावरणीय मानकों (Environmental Norms) के दायरे में रहकर करें तथा स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखें।













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