नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है। इसमें कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी को अमेरिका के यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से हाथ मिलाते हुए दिखाया गया है। इस तस्वीर को सच मानकर कई सोशल मीडिया यूजर्स शेयर कर रहे हैं। ऐसी कुछ पोस्ट के कैप्शन में सोनिया गांधी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
विश्वास न्यूज ने वायरल तस्वीर की विस्तार से जांच की। यह फर्जी साबित हुई। इसे एआई की मदद से तैयार करके वायरल किया गया है। इसमें कोई सच्चाई नहीं है।
क्या है वायरल?
फेसबुक यूजर ‘Hukamsingh Suner Rajput’ ने 23 अक्टूबर 2026 को एक तस्वीर अपलोड करते हुए लिखा, “जब हरदीप पुरी के साथ जेफरी एपस्टीन का फोटो आया तो पूरा इकोसिस्टम एक्टिव हो गया। इस फोटो के जारी होते ही पूरा इकोसिस्टम बैकफुट पर आ गया।”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसे सच मानकर कई सोशल मीडिया यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्ट का आर्काइव वर्जन यहां देखें।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में सबसे पहले गूगल ओपन सर्च टूल का इस्तेमाल किया। कीवर्ड सर्च के जरिए खोजने पर हमें एक भी ऐसी खबर नहीं मिली, जो वायरल तस्वीर की सच्चाई की पुष्टि कर सके। इससे यह स्पष्ट हो गया कि वायरल तस्वीर फेक है।
इसी आधार पर हमने वायरल तस्वीर की सच्चाई जानने के लिए एआई डिटेक्शन टूल्स की मदद ली। सबसे पहले हमने ‘Hive Moderation’ टूल का इस्तेमाल किया। इस टूल ने वायरल तस्वीर के लिए 100 फीसदी संभावना इस बात की जताई कि इसे एआई की मदद से बनाया गया है।

इसके बाद हमने तस्वीर को गूगल के ‘सिंथ आईडी’ से चेक किया। इसके एनालिसिस के अनुसार, यह तस्वीर ‘ गूगल एआई’ की मदद से तैयार की गई है।

इसी तरह ‘ट्रूथ स्कैन’ एआई टूल से चेक करने पर भी वायरल तस्वीर एआई-निर्मित साबित हुई। इसके नतीजों में तस्वीर को 99 फीसदी एआई-जेनरेटेड बताया गया।

विश्वास न्यूज ने वायरल फोटो को लेकर एआई एक्सपर्ट डॉ. अजहर माचवे से संपर्क किया। उन्होंने पुष्टि किया कि वायरल तस्वीर एआई-जेनरेटेड है और इसमें कई खामियां हैं।
क्या है संदर्भ?
‘जागरण डॉट कॉम’ की 21 अक्टूबर 2026 की एक खबर में बताया गया कि कई विपक्षी नेताओं ने पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के साथ मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए उनसे जवाब मांगा। खबर में बताया गया कि पुरी ने फरवरी 2026 में कहा था कि उन्होंने जेफरी एपस्टीन से पेशेवर तौर पर तीन या अधिकतम चार बार मुलाकात की थी। यह मुलाकात इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट के एक प्रोजेक्ट, ‘इंडिपेंडेंट कमीशन ऑन मल्टीलेटरलिज्म’ से जुड़े एक प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में हुई थी।
जांच के अंत में फेक फोटो शेयर करने वाले फेसबुक यूजर की सोशल स्कैनिंग की गई। हमने पाया कि यूजर को पांच हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। यह यूजर मध्य प्रदेश का रहने वाला है और उसका अकाउंट मई 2014 में बनाया गया था।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की जांच में वायरल तस्वीर फर्जी साबित हुई। जेफरी एपस्टीन के साथ कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की हाथ मिलाते हुए वायरल तस्वीर फेक है और इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से बनाया गया है।
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